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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राजस्व वाद,कर-करेत्तर एवं वसूली के सम्बन्ध में हुई समीक्षा बैठक

सिद्धार्थनगर 25 फरवरी 2025

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राजस्व वाद,कर-करेत्तर एवं वसूली के सम्बन्ध में हुई समीक्षा बैठक

जिलाधिकारी डा0 राजागणपति आर0 की अध्यक्षता में राजस्व वाद, कर-करेत्तर एवं वसूली के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की समीक्षा की। उन्होंने समस्त उपजिलाधिकारी को निर्देश दिया कि जिन किसानों के नाम जमीन है व पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त हो गई है उनके लाभार्थियों के खाते में शीघ्र धनराशि प्रेषित कर दिया जाए।

जिलाधिकारी ने निर्विवाद वरासत एवं राजस्व वादों के निस्तारण आदि की समीक्षा की, निर्विवाद वरासत की कोई प्रकरण लम्बित न रहे समय सीमा के अन्दर निस्तारण करायें, राजस्व निरीक्षक/लेखपाल के स्तर पर लम्बित होने पर उनको नोटिस निर्गत करें। वरासत की शिकायत नहीं आनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि यदि किसी तहसील की शिकायत प्राप्त होगी तो संबधित तहसीलदार के विरूद्ध कठोर कार्यवाई सुनिश्चित की जायेगी। समस्त उपजिलाधिकारी/ उपजिलाधिकारी न्यायिक, तहसीलदार/तहसीलदार न्यायिक, नायब तहसीलदार प्रत्येक दिन कोर्ट में बैठकर सभी वादो का निस्तारण करने का निर्देश दिया तथा आरसीएमएस पोर्टल पर सभी वादों के निस्तारण को फीड कराये तथा प्रतिदिन पोर्टल को चेक करे। 03 वर्ष के राजस्व के प्रकरणों का शत प्रतिशत निस्तारण करें । धारा 24 के वादो का निस्तारण कराने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राजस्व वादों के निस्तारण में अपेक्षित प्रगति न होने पर अनुशासनिक कार्यवाही की जायेगी। धारा 116 के प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराने का निर्देश दिया। फार्मर रजिस्ट्री एवं डिजिटल क्राप सर्वे में प्रगति लाने का निर्देश दिया,जो कामन सेन्टर कार्य नही कर रहे है उनके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। अन्नपूर्णा भवन हेतु जहां पर भूमि नही है तथा विकास खण्ड वार फायर स्टेशन हेतु जमीन चिन्हित करें।

जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारी को नगर पालिका/नगर पंचायत की सम्पत्ति रजिस्टर बनाने का निर्देश दिया। सभी विभागो की वसूली बढ़ाकर लक्ष्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। इसके अलावा आबकारी, स्टाम्प कर, भू-राजस्व वसूली, व्यापार कर, वन विभाग, मण्डी समिति, खनन विभाग, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र तथा अन्य विभागों की समीक्षा की गयी तथा शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण कराये जाने का निर्देश दिया गया।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) उमाशंकर, समस्त उपजिलाधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारी न्यायिक, समस्त तहसीलदार, समस्त तहसीलदार न्यायिक, नायब तहसीलदार,पी डी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी,वरिष्ठ कोषाधिकारी रामेंद्र कुमार मौर्य, आर0ए0,सी.आर.ए., एलआरसी, व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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