सिद्धार्थनगर: 28 नवम्बर 2025
सभी गर्भवती महिलाओ का प्रसव अस्पताल में ही हो, घर पर प्रसव होने पर एमओआईसी जिम्मेदार होगे-जिलाधिकारी
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग ‘डी0एच0एस0’ से संबधित योजनाओ की समीक्षा की
जिलाधिकारी द्वारा समीक्षा के दौरान फीडिंग कम पाये जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई
सिद्धार्थनगर: जिला स्वास्थ्य समिति (डी0एच0एस0) एवं स्वास्थ्य विभाग से संबधित योजनाओ की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई,बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी द्वारा समीक्षा के दौरान फीडिंग कम पाये जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गयी,उन्होंने डीएचएस की कार्यवाही पोर्टल पर फीड करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी एमओआईसी सुनिश्चित कर ले कि डिलीवरी घर पर नहीं होना चाहिए। सभी गर्भवती महिलाओ का प्रसव अस्पताल में ही हो। घर पर प्रसव होने पर एमओआईसी जिम्मेदार होगे। एनबीएसयू को 24 घंटे सक्रिय करें जिससे कोई भी गर्भवती महिला व उसके परिजन सम्पर्क कर सहायता प्राप्त कर सकें। सभी एमओआईसी वार रूम का निरीक्षण करें,बीएचएनडी दिवस में कम एचआरपी वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनका बेहतर इलाज कराये और सावधानियां बरतने का सलाह दें। बीएचएनडी दिवस में सभी लोग जाये।
जिलाधिकारी ने एएनएम,आशा व सीएचओ को सभी प्रकार किट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया,बीएचएनडी दिवस में एएनएम व सीएचओ मिलकर कार्य करें। काम न करने वाले डाक्टर/सीएचओ/आशा/एएनएम को नोटिस निर्गत करने का निर्देश दिया। टीकाकरण का शत-प्रतिशत डाटा फीडिंग कराने का निर्देश दिया। फीडिंग में सही मोबाइल नम्बर लिखे। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नही होना चाहिए। एएनएम और आशा के साथ बैठक करें,कार्य न करने वाली आशा व सीएचओ के विरूद्ध कार्यवाही करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी द्वारा अनटाइड फन्ड, परिवार नियोजन, टीकाकरण अभियान, पी0सी0पी0एन0डी0टी0, रोगी कल्याण समिति, हेल्थ वेलनेस सेन्टर, आदि की समीक्षा की गयी। ई-संजीवनी के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा मरीजों को टेली मेडिसिन सुविधा उपलब्ध करानें हेतु निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने समस्त प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी मरीज को परेशान न किया जाये। राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण अभियान में लक्ष्य के सापेक्ष सभी विकास खण्डों में पब्लिलक नोटिफिकेशन में लक्षण युक्त टी.बी. के मरीजो को चिन्हित करे।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिया कि वार रूम का निरीक्षण करे। इमरजेंसी में रेफरल रजिस्टर बनाने का निर्देश दिया। इसके साथ मातृ शिशु मृत्यु दर की समीक्षा की गयी। सम्भव अभियान की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया कि सैम मैम बच्चों को चिन्हित करें।
इस बैठक में उपरोक्त के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 रजत कुमार चौरसिया, डा0 संजय गुप्ता,डैम राजेश मिश्रा, डी0सी0पी0एम0, समस्त सीएचसी/पीएचसी के एम0ओ0आईसी0, बीपीएम, बीसीपीएम, आदि उपस्थित थे।

