Fri. Jun 12th, 2026

डिजिटल समृद्धि का नया आधार बनेगा प्रोजेक्ट ‘गंगा’

डिजिटल समृद्धि का नया आधार बनेगा प्रोजेक्ट ‘गंगा’

गांव-गांव तक हाई स्पीड इंटरनेट पहुंचाने के लिए सीएम योगी ने परियोजना का किया शुभारंभ

57 हजार ग्राम पंचायतों तक नेटवर्क विस्तार का लक्ष्य, 20 लाख परिवारों को डिजिटल कनेक्टिविटी

आठ-10 हजार बनेंगें डिजिटल सेवा प्रदाता, एक लाख से अधिक रोजगार होंगे सृजित

लखनऊः प्रदेश के ग्रामीण अंचलों को डिजिटल विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘गंगा’ (गवर्नमेंट असिस्टेड नेटवर्क फार ग्रोथ एंड एडवांसमेंट) का शुभारंभ किया। हाई स्पीड ब्राडबैंड कनेक्टिविटी, डिजिटल शिक्षा, टेलीमेडिसिन, ई-गवर्नेस और स्मार्ट कृषि सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने वाली यह परियोजना प्रदेश के लिए एक ‘डिजिटल एक्सप्रेसवे’ साबित हो सकती है। पहले चरण में 21 जिलों से शुरू हो रही इस पहल के माध्यम से 20 लाख परिवारों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ा जाएगा, जबकि आठ से 10 हजार डिजिटल सेवा प्रदाताओं के जरिये एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि बिजली, पानी और सड़क की तरह आज के समय में ब्राडबैंड कनेक्टिविटी बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। इंटरनेट की गति जितनी तेज होगी, विकास की रफ्तार भी उतनी ही तीव्र होगी। प्रोजेक्ट ‘गंगा’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। फिलहाल 21 जिलों में शुरू हो रही यह परियोजना आगे चलकर प्रदेश की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों और लगभग आठ हजार न्याय पंचायतों तक पहुंचेगी। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से युवाओं को केवल इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अपने आवास पर प्रदेश में प्रोजेक्ट गंगा का शुभारंभ करते। साथ में उपस्थित वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना व अन्य सूचना विभाग डिजिटल सेवा प्रदाता बनने को कर सकते हैं आनलाइन आवेदन स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के चेयरमैन ने बताया कि ग्रामीणों को 299 रुपये से लेकर 400 रुपये तक में तेज स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराया जाएगा। डिजिटल सेवा प्रदाता (डीएसपी) न्याय पंचायत स्तर पर बनाए जाएंगे। डीएसपी बनने के लिए वेबसाइट (https://projectganga. in) पर आनलाइन आवेदन किया जा सकता है। चयनित युवाओं में आधी महिलाएं होंगी। हिंदुजा ग्रुप की सहायक कंपनी वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें डिजिटल अर्थव्यवस्था का सक्रिय भागीदार बनाकर स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने योजना में नालेज पार्टनर की भूमिका निभाने के लिए हिंदुजा समूह की सराहना की। हिंदुजा ग्रुप की सहायक कंपनी वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड युवाओं (डिजिटल सेवा प्रदाताओं) को प्रशिक्षित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के तहत इन युवाओं को प्रशिक्षित करेगी। एक सेवा प्रदाता को 5.53 लाख रुपये का निवेश करना होगा। इसमें से पांच लाख रुपये सीएम युवा उद्यमी योजना से मिल जाएंगे। युवाओं को 50 हजार रुपये की मार्जिन मनी लगानी होगी। वे अपने यहां इंटरनेट कनेक्शन देंगे। 250 से 300 कनेक्शन होने पर युवा उद्यमी को 20 हजार रुपये से अधिक आय होने लगेगी। कनेक्शन बढ़ने पर एक लाख रुपये प्रति माह तक की आमदनी हो सकती है।चयनित युवा इस सुविधा का लाभ लेकर डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में अपना व्यवसाय स्थापित कर सकेंगे। उन्होंने परियोजना की सफलता के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण को महत्वपूर्ण बताया।

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि तकनीक तक व्यापक पहुंच सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का आधार बनती है। प्रोजेक्ट ‘गंगा’ डिजिटल सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाकर विकास की प्रक्रिया को और तेज करेगा। आइटी एवं 57 हजार ग्राम पंचायतों तक नेटवर्क विस्तार का लक्ष्य, 20 लाख परिवारों को डिजिटल कनेक्टिविटी। आठ-10 हजार बनेंगें डिजिटल सेवा प्रदाता, एक लाख से अधिक रोजगार होंगे सृजित।इलेक्ट्रानिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश के डिजिटल भविष्य की मजबूत नींव है, जो युवाओं, विद्यार्थियों, किसानों और उद्यमियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी। हिंदुजा समूह के ग्रुप प्रेसिडेंट (कारपोरेट अफेयर्स) सुनील कुमार चड्ढा ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश इस तरह का माडल अपनाने वाला देश का पहला राज्य है। स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने बताया कि यह प्रोजेक्ट ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल उद्यमिता का नया माडल है। इसके तहत स्थानीय युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में विकसित किया जाएगा, जो अपने क्षेत्रों में फाइबर ब्राडबैंड नेटवर्क स्थापित कर डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। परियोजना के माध्यम से डिजिटल शिक्षा, टेलीमेडिसिन, आनलाइन कौशल प्रशिक्षण, ई-गवर्नेस, साइबर सुरक्षा, सार्वजनिक वाई-फाई, स्मार्ट कृषि और आइटी आधारित रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *