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प्रदेश के 30 हजार स्कूलों में बनेंगे किचन गार्डन,प्रत्येक स्कूल के लिए 5 हजार का बजट

blank By vijay kumar mishra Jul31,2020

लखनऊ-से बड़ी खबर
दिनाँक-31-07-020

प्रदेश के 30 हजार स्कूलों में बनेंगे किचन गार्डन,प्रत्येक स्कूल के लिए 5 हजार का बजटblank

हर जनपद के 400 सरकारी स्कूलों में बनेंगे किचन गार्डन-

मिड डे मील के लिए किचन गार्डन में उगाई जाएंगी सब्जियां-

प्रत्येक स्कूल के लिए 5 हजार का बजट-

बेसिक शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, टाइम लाइन भी घोषित-

जैसा कि आप सभी लोग जानते हैं कि हरी सब्जियां बच्चों के स्वास्थ्य के लिए कितनी लाभप्रद हैं। सरकारी स्कूलों में अब किचन गार्डन बनाया जाएगा, इस गार्डन की देखभाल कोई और नहीं बल्कि बच्चें खुद करेंगे। यहां उगने वाली सब्जियों को स्कूल के मिड डे मिल में इस्तेमाल किया जाएगा।

हर स्कूल को मिलेंगे 5 हजार रुपये

बता दें कि किचन गार्डन के लिए हर स्कूल को 5 हजार रुपये मिलेंगे। किचन गार्डन के लिए जमीन की तलाश करने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की होगी। हरी और पौष्टीक सब्जियों को ही इसमें उगाया जाएगा। इस फैसले से बच्चों को मिलने वाले दोपहर के भोजन की गुणवत्ता भी सुधरेगी। इसके साथ ही गार्डेनिंग के प्रति बच्चों की ललक भी बढ़ेगी।

केंद्र सरकार की स्कूल न्यूट्रिशन गार्डन योजना के तहत बनेगा किचन गार्डन

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बाल मुकुंद प्रसाद ने बताया कि जिले में 471 प्राथमिक, 214 उच्च प्राथमिक और 3 कस्तूरबा गांधी विद्यालय हैं। इनमें 86 हजार से ज्यादा बच्चे पढ़ाई करते हैं। केंद्र सरकार की स्कूल न्यूट्रिशन गार्डन योजना के तहत जिले के प्राथमिक स्कूलों में किचन गार्डन लगवाया जाएगा। इसमें हरी सब्जिया उगाई जाएंगी।

बच्चों को पोषक तत्वों व पर्यावरण के प्रति जागरुक करना है उद्देश्य

किचन गार्डन का मुख्य उदेश्य छात्र-छात्राओं को मौसमी सब्जियों की उपयोगिता व उनमें पाए जाने वाले पोषण तत्वों के बारे जानकारी देना है। इसके साथ ही दोपहर में बनाए जा रहे भोजन में किचन गार्डन में उगाई गई सब्जियों से अधिक पोषक तत्व मिले सके। इसके साथ ही छात्र-छात्राएं एकजुट होकर पर्यावरण के प्रति काम कर सकें।

राजस्व विभाग करेगा मदद

प्राथमिक स्कूलों में बनाए जाने वाली किचन गार्डन के लिए जमीन चिह्नित कराने में राजस्व विभाग मदद करेगा। स्कूल के प्रधानाध्यापक को जमीन चिह्नित करने की जिम्मेदारी दी गई है। सूरज की पर्याप्त रोशनी और खुली जगह को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्रामीण इलाकों में जमीन तो आसानी से मिल जाती है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में दिक्कत होगी। ऐसे में स्कूल की छत पर गमले और मटकों में पौधे उगाने की यहां व्यवस्था की जाएगी। पौधे उगाने में मदद करने के लिए स्कूलों में समय-समय पर वर्कशॉप भी कराई जाएगी।

किचन गार्डन में उगाई जाएंगी ये सब्जियां

भिंडी, पालक, लौकी, करेला, खीरा, कद्दू, तरबूज, खरबूजा, बैगन, शलजम, गाजर, मूली, टमाटर, मटर, मिर्च, पत्ता गोभी, फूल गोभी, पालक, सरसों, मेथी, सोया, धनिया, शिमला मिर्च, ब्याज, लहसुन, चुकंदर, शलजम, गाजर, मूली, चौलाई, भिंडी, बैगन, सेम, अरबी, खरीफ प्याज, तुरई आदि सब्जियां उगाई जाएंगी।

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