फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाने के मामले में बर्खास्त महिला शिक्षक के पति की भी होगी जांच- शैलेश कुमार,बीएसए
बलरामपुर बीएसए कार्यालय में उपलब्ध है नियुक्ति से जुड़ी पत्रावली, प्रकरण की जांच के लिए बलरामपुर के बीएसए को भेजा गया है पत्र- शैलेश कुमार,बीएसए
अभिलेखों के परीक्षण के बाद ही नियुक्ति से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी- शैलेश कुमार,बीएसए
News17 इंडिया संवाददाता
सिद्धार्थनगर : फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाने के मामले में बर्खास्त महिला शिक्षक के पति की नियुक्ति भी जांच के दायरे में आ गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार ने इस संबंध में बलरामपुर के बीएसए को पत्र भेजकर नियुक्ति से संबंधित अभिलेखों की जांच कराने को कहा है।शिक्षक की नियुक्ति बलरामपुर जिले में हुई थी। स्थानांतरण के बाद वह वर्तमान में उस्का बाजार विकास खंड के एक कंपोजिट विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।
बीएसए शैलेश कुमार ने बताया कि उस्का बाजार विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय ऊंटिया में तैनात रहीं सुनैना गौड़ का अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाणपत्र जांच में निरस्त होने के बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। प्रकरण में शिकायत के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच कराई गई। सतर्कता समिति की रिपोर्ट के आधार पर जिला स्तरीय जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति ने सात जुलाई 2026 को सुनैना गौड़ सहित उनके परिजनों के जाति प्रमाणपत्र निरस्त कर दिए थे। इसके बाद शिक्षा विभाग ने उनकी नियुक्ति समाप्त करने की कार्रवाई की।
उन्होंने बताया कि शिक्षक पति के जाति प्रमाणपत्र को लेकर भी शिकायत की गई है। इसी क्रम में विभाग यह पता करना चाहता है कि उनकी नियुक्ति के समय किस वर्ग के आरक्षण का लाभ लिया गया था। नियुक्ति से संबंधित पत्रावली बलरामपुर बीएसए कार्यालय में उपलब्ध है। शिक्षक पति से बीएसए शैलेश कुमार ने स्पष्टीकरण भी मांगा था,29 सितंबर को दिए गए, जवाब में उन्होंने बताया कि उनकी नियुक्ति बलरामपुर जिले के गैसड़ी विकास खंड में शिक्षा मित्र कोटे के तहत सहायक अध्यापक पद पर हुई थी। उनके अनुसार नियुक्ति में जाति के आधार पर आरक्षण का लाभ नहीं लिया गया था। सोर्स विज्ञप्ति।

