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बंदीगृहों में भी सजेगा प्रेम और विश्वास के पर्व का त्योहार करवा चौथ-डॉ बबिता सिंह चौहान

उत्तर प्रदेश-लखनऊ, 09 अक्टूबर 2025

बंदीगृहों में भी सजेगा प्रेम और विश्वास के पर्व का त्योहार करवा चौथ-डॉ बबिता सिंह चौहान

महिला आयोग की पहल से करवा चौथ बनेगा प्रेम और मिलन का पर्व-डॉ बबिता सिंह चौहान

महिला आयोग की पहल पर अपने पतियों संग करवा चौथ मनाएंगी महिला बंदियाँ -डॉ बबिता सिंह चौहान

बंदीगृह की दीवारों में भी सजेगा स्नेह का चाँद-डॉ बबिता सिंह चौहान

विश्वास और व्रत का संगम- महिला आयोग ने बंदी महिलाओं को लौटाया करवा चौथ का उजाला-डॉ बबिता सिंह चौहान

लखनऊ, 9 अक्टूबर 2025

महिलाओं के अधिकारों एवं उनके सम्मान की भावना को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने एक अभूतपूर्व और संवेदनशील पहल की है। आयोग द्वारा निर्णय लिया गया है कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में स्थित महिला बंदीगृहों में आवासित महिलाएँ आगामी 10 अक्टूबर 2025 को करवा चौथ का पर्व अपने पतियों की उपस्थिति में पारम्परिक रूप से मनाएँगी।

यह निर्णय उ0.प्र0. राज्य महिला आयोग (संशोधन) अधिनियम 2013 की धारा 9 के अंतर्गत आयोग के निर्धारित कार्यों के क्रम में लिया गया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि महिला बंदियों को भी अपने भावनात्मक और पारिवारिक अधिकारों से वंचित न रहना पड़े। आयोग की अध्यक्ष डॉ० बबीता सिंह चौहान ने बताया कि करवाचौथ केवल एक व्रत नहीं बल्कि प्रेम, निष्ठा और विश्वास का प्रतीक पर्व है। महिला आयोग का यह प्रयास बंदीगृहों की दीवारों के भीतर भी स्नेह, सम्मान और आत्मिक जुड़ाव की भावना को पुनर्जीवित करेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकार केवल कानूनी नहीं, बल्कि भावनात्मक और सामाजिक भी हैं,और आयोग इन सभी पहलुओं की समान रूप से संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।

डॉ० बबिता सिंह चौहान ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर अनुरोध किया है कि अपने-अपने जनपदों में महिला बंदीगृहों की पात्र महिलाओं के पतियों को तथा बंदीगृह में निरूद्ध पुरुष बंदियों की पत्नियों को कारागार में आमंत्रित कर करवा चौथ का पर्व पारंपरिक विधि-विधान के साथ मनाए जाने हेतु आवश्यक निर्देश जारी करें! डॉ बबिता सिंह चौहान ने बताया कि यह आयोजन महिला आयोग की उस सोच का प्रतीक है जो “हर परिस्थिति में महिला के सम्मान और संवेदना की रक्षा” के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

भवदीय:- लाल कमल ‘सूचनाधिकारी’ (लखनऊ)

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