Wed. Jul 15th, 2026

मलेरिया,डेंगू को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट पर! मलेरिया से बचाव हेतु दवा छिड़काव के लिए दिये निर्देश-सुनील चौधरी, जिला मलेरिया अधिकारी

मलेरिया,डेंगू को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट पर! मलेरिया से बचाव हेतु दवा छिड़काव के लिए दिये निर्देश-सुनील चौधरी, जिला मलेरिया अधिकारी

बारिश के बाद जलभराव व गंदगी से पनपती हैं डेंगू, मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारियां-सुनील चौधरी,जिला मलेरिया अधिकारी

सिद्धार्थनगर। बारिश का मौसम शुरू होने के बाद से मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।बारिश के बाद जलभराव और गंदगी से मच्छरों के पनपने की आशंका को देखते हुए जिले के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को पहले से तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।मलेरिया रोधी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ एंटी लार्वा छिड़काव, फॉगिंग और निगरानी बढ़ाने की निर्देश दिए गए है। बरसात के मौसम को देखते हुए सभी स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट कर दिया गया है। दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। स्वास्थ्य टीमें गांवों में जाकर बुखार व संक्रामक रोगों की निगरानी करेंगी। लोगों से अपील है कि जलभराव न होने दें और बुखार आने पर तत्काल सरकारी अस्पताल में जांच कराएं।

उन्होंने बताया कि गांवों में शासन स्तर पर निगरानी बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी गई है, ताकि बीमारी फैलने से पहले ही उस पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। इसके लिए स्वास्थ्य आशा वर्कर और निचले स्तर पर मलेरिया बुखार के मरीजों की तत्काल जांच कर मलेरिया की पुष्टि होने पर इलाज शुरू किया जाएगा। वहीं, उल्टी-दस्त और अन्य संक्रामक रोगों के मरीजों की भी निगरानी की जाएगी। मलेरिया अधिकारी गांव के लेबल पर काम करने वाली स्वास्थ्य इकाई की समीक्षा कर रहे हैं। साथ ही फील्ड में भ्रमण करके जरूरत के हिसाब से दवा के छिड़काव आदि के बारे में जानकारी ले रहे हैं।उल्टी-दस्त व अन्य समस्या पर टीम गांव में जाकर जांच करेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम पर काम करने वाली स्वास्थ्य इकाई को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे है।

जिले में हर वर्ष बरसात के दौरान जलभराव और गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगता है।उन्होंने बताया कि इस बार विभाग ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है। जहां-जहां जलभराव की संभावना है, वहां एंटी लार्वा दवा के छिड़काव और जरूरत पड़ने पर फॉगिंग की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए सीएमओ स्तर से सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को पर्याप्त मात्रा में मलेरिया रोधी दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *