विकस खंड जोगिया में जिलाधिकारी ने आशा संगिनी और आशा कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक की
जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक के दौरान कम संस्थागत प्रसव पर व्यक्त की कड़ी नाराजगी
लक्ष्य के मुकाबले केवल 25 से 30 प्रतिशत ही संस्थागत प्रसव होने पर बेहद असंतुष्ट दिखे जिलाधिकारी
जिलाधिकारी ने खराब प्रदर्शन करने वाले आशा संगिनी और आशा कार्यकर्ताओं के खिलाफ 01 अप्रैल से कार्रवाई करने के दिए निर्देश
सिद्धार्थनगर: जिलाधिकारी द्वारा विकासखंड जोगिया क्षेत्र में आशा संगिनी और आशा कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक के दौरान कम संस्थागत प्रसव पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। उन्होंने खराब प्रदर्शन करने वाले आशा संगिनी और आशा कार्यकर्ताओं के खिलाफ 01 अप्रैल से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
आज की यह बैठक ब्लॉक सभागार जोगिया में आयोजित की गई थी, जिसमें आशा संगिनी, आशा कार्यकर्ताओ और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोगिया के अधीक्षक डॉ. सौरभ चतुर्वेदी सहित कई अधिकारी मौजूद थे। जिलाधिकारी ने सभी से उनके क्षेत्र में हुए संस्थागत प्रसवों की विस्तृत जानकारी ली।समीक्षा बैठक में सामने आया कि लक्ष्य के मुकाबले केवल 25 से 30 प्रतिशत ही संस्थागत प्रसव हुए हैं, जिससे जिलाधिकारी बेहद असंतुष्ट दिखे। उन्होंने बताया कि आकांक्षी जनपद होने के कारण नीति आयोग द्वारा संस्थागत प्रसवों की मासिक समीक्षा की जाती है, और जोगिया क्षेत्र की स्थिति बेहद चिंताजनक है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि लक्ष्य के सापेक्ष संस्थागत प्रसव नहीं बढ़ाए गए, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने 1 अप्रैल से खराब प्रदर्शन करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिए। सूत्रों के हवाले से खबर है कि कई आशा संगिनी और आशा कार्यकर्ताओं ने यह भी बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोगिया में पूर्णकालिक केंद्र अधीक्षक और महिला डॉक्टर न होने के कारण लोग निजी संस्थानों में प्रसव के लिए चले जाते हैं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी शिव शरणप्पा जी एन के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोगिया के अधीक्षक डॉ. सौरभ चतुर्वेदी, खंड विकास अधिकारी जोगिया रामानंद वर्मा, सहायक विकास अधिकारी पंचायत प्रदीप सिंह, रवि शंकर मिश्रा, अनस अंसारी, मोहम्मद मुस्तफा और मुन्नी देवी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

