शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरतने के कारण दो पूर्ति निरीक्षकों को जिलाधिकारी ने दी प्रतिकूल प्रविष्टि
सिद्धार्थनगर। शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरतने और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की लगातार अवहेलना करने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जी.एन. ने जनपद में तैनात दो महिला पूर्ति निरीक्षकों की कार्यप्रणाली को अत्यंत शिथिल पाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से प्रतिकूल प्रविष्टि जारी कर दी है। जिलाधिकारी की इस कड़ी कार्रवाई से प्रशासनिक अमले और विशेषकर खाद्य एवं रसद विभाग में हड़कंप मच गया है।
जिला पूर्ति अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से इस दंडात्मक कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी साझा की है। जारी सूचना के अनुसार जिन अधिकारियों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है उनमें उसका बाजार की पूर्ति निरीक्षक श्रीमती प्रियंका कश्यप और लोटन की पूर्ति निरीक्षक श्रीमती माला गुप्ता शामिल है। इन दोनों महिला अधिकारियों के खिलाफ लंबे समय से कायीं के प्रति उदासीनता और अनुशासनहीनता की शिकायतें जिला प्रशासन को मिल रही थीं। मुख्यमंत्री संदर्भ यानी आई०जी०आर०एस० पोर्टल और आम जनता से प्राप्त होने वाली अन्य जनसमस्याओं के समयबद्ध निस्तारण में इन दोनों ही निरीक्षकों का रवैया बेहद लचर पाया गया जिसके चलते लंबित मामलों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा था।
शासन के उस महत्वपूर्ण और कड़े निर्देश की भी इन अधिकारियों द्वारा खुलेआम अनदेखी की जा रही थी जिसके तहत प्रतिदिन पूर्वाहन 10 बजे से दोपहर 12 बजे के मध्य अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहकर जनसुनवाई करनी होती है। जांच में सामने आया कि ये दोनों अधिकारी अक्सर अपनी संबंधित तहसीलों से गायब रहती थीं जिससे दूर-दराज से आने वाले फरियादियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इसके अलावा वर्तमान वैश्विक परिदृश्य के मद्देनजर क्षेत्र के पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की नियमित चेकिंग व प्रभावी पर्यवेक्षण करने में भी इनकी ओर से घोर लापरवाही बरती गई। वहीं कार्यालय आने वाले शिकायतकर्ताओं और आम नागरिकों के साथ इनका व्यवहार भी मर्यादित और समुचित नहीं था।
जिलाधिकारी ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि शासकीय कायीं में किसी भी स्तर पर शिथिलता, अनुशासनहीनता या जनता के प्रति संवेदनहीनता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर और भी कठोर कानूनी व विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

