समय पर सुचना न देना, एवं आयोग के आदेश की अवहेलना करना विकास खंड जोगिया के सचिव को पड़ा भारी
सिद्धार्थनगर टुडे क्रांति: संवाददाता।
सिद्धार्थनगर: सरकार के द्वारा चलाये जा रही योजनाओं का लाभ जनता तक पहुँचाने और सरकार के कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए सूचना के अधिकार का गठन किया गया जिसमे कोई भी नागरिक सरकारी धन के खर्च और कार्यों की जानकारी प्राप्त कर भ्रस्टाचार को रोकने का प्रयास कर सके और विकास के कार्यों को आगे बढ़ा सके इसीलिए जन सूचना अधिकार के लिए प्रत्येक सरकारी विभाग में जन सूचना अधिकारी का पद निर्धारण है लेकिन जिस उद्देश्य से आयोग का गठन किया था आज कही न कही सूचना आयोग अपनी ही कमियों के चलते शिथिल नज़र आती है सूचना मांगने वाला अपिलार्थी वर्षो आयोग के चक्कर लगता रहता है आयुक्तो को देरी से फैसला देने पर बहुत अपिलार्थी निराश होकर चुप बैठ जाते वहीं जन सूचना अधिकारी सूचना देने में लापरवाही और नियम का उलंघन करते है।
ऐसा ही एक मामला विकास खंड जोगिया के ग्राम सभा नादेपार में तैनात सचिव मोतीलाल अंकुश का भी है जिनसे विकास खंड जोगिया के ग्राम सभा कटहना निवासी सुधाकर मिश्र आर टी आई कार्यकर्ता ने जन सूचना के तहत सूचना मांगी लेकिन जन सूचना अधिकारी और अन्य अधिकारी द्वारा सूचना उपलब्ध नहीं करवाई गई।
मामला राज्य सूचना आयोग में गया जहाँ कई वर्ष तक सुनवाई चलती रही लेकिन जन सूचना अधिकारी कभी आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए और ना ही सूचना दी जिसे राज्य सूचना आयुक्त नदीम अहमद द्वारा आयोग के आदेश का उलंघन और जन सूचना अधिकारी द्वारा सूचना ना देने का उलंघन मना गया जिसमे राज्य सूचना आयोग द्वारा सचिव मोतीलाल अंकुश पर 25000 हजार का अर्थदंड अधिरोपित किये जाने का आदेश दिया जो उनके बेतन से कटौती किया जाना है।
जिसके सम्बन्ध में जिला विकास अधिकारी सिद्धार्थनगर ने खंड विकास अधिकारी को पत्र द्वारा अवगत करवाया की आयोग के आदेश का पालन करते हुए माह दिसंबर से सचिव मोतीलाल अंकुश के बेतन से जुर्माना काट कर आयोग में जमा करें।

