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स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली पर डीएम का कड़ा रुख: ओपीडी में मरीजों की कम संख्या देख व्यक्त की कड़ी नाराजगी

स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली पर डीएम का कड़ा रुख: ओपीडी में मरीजों की कम संख्या देख व्यक्त की कड़ी नाराजगी

सिद्धार्थनगर: मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के अंतर्गत जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने नगरीय स्वास्थ्य केंद्र सनई तथा विकासखंड उसका क्षेत्र अंतर्गत नया स्वास्थ्य केंद्र महुलानी का औचक निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान उन्हेंने स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, चिकित्सकों एवं स्टाफ की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता तथा मरीजों को दी जा रही सेवाओं का गहनता से अवलोकन किया।

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान दोनों स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) में मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत कम पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इसका कारण पूछा और स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना का लाभ उठा सकें।

उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि आरोग्य मेले का उद्देश्य आमजन, विशेषकर गरीब एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को निःशुल्क एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि ओपीडी में मरीजों की संख्या कम रहती है तो यह योजना के उद्देश्यों के विपरीत है। इसके अतिरिक्त उन्होंने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले मरीजों का समुचित पंजीकरण किया जाए तथा उन्हें आवश्यक जांच एवं उपचार उपलब्ध कराया जाए। दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, साफ-सफाई बनाए रखने तथा सभी चिकित्सीय उपकरणों को क्रियाशील स्थिति में रखने के भी निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्राम प्रधानों के साथ समन्वय स्थापित कर आरोग्य मेले की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी पात्र लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलना चाहिए, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने भविष्य में ओपीडी की संख्या में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने को कहा तथा अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति अधिक सजग रहने के लिए निर्देश दिया।

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