लखनऊः 17 मई 2025
हर गांव में ‘ग्राम वन’ की कार्ययोजना बनाएं अधिकारी-
सीएम योगी
आगामी 01 से 07 जुलाई के बीच वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत 35 करोड़ पौधरोपण का लक्षित अभियान चलाया जाएगा -सीएम योगी
सीएम योगी ने कहा कि केवल पौधरोपण ही नहीं पौधों की सुरक्षा और पोषण भी हमारी साझा जिम्मेदारी है
पौधारोपण की सफलता के लिए 50 करोड़ पौधों की नर्सरी तैयार की जाए- सीएम योगी
सीएम ने की पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ की समीक्षा बैठक
लखनऊः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वर्ष 2030 तक प्रदेश का हरित आवरण 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य तभी हासिल होगा जब पौधारोपण जनांदोलन का रूप ले ले। अधिकारी प्रदेश के हर गांव में ‘ग्राम-वन’ की कार्ययोजना बनाएं, 01 से 07 जुलाई तक चलने वाले पौधारोपण अभियान में 35 करोड़ पौधे रोपित किए जाने हैं। शनिवार को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कामकाज की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधारोपण की सफलता के लिए 50 करोड़ पौधों की नर्सरी तैयार की जाए। उन्होंने लखनऊ में कुकरैल नाइट सफारी के निर्माण में तेजी लाने के लिए एक सप्ताह में ठेकेदार चयन की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 01 से 07 जुलाई 2025 के बीच वृहद पौधारोपण अभियान पूरी तैयारी, समन्वय और जनभागीदारी के साथ संचालित किया जाए। मंत्रियों को पौधारोपण अभियान से पूर्व तैयारी की समीक्षा करने के निर्देश दिए। कहा कि रोपे जाने वाले पौधों में फलदार, छायादार, औषधीय और इमारती पौधों का संतुलित समावेश हो। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजनाओं के सभी लाभार्थियों सहित ‘जीरो पावर्टी’ श्रेणी में चिन्हित प्रत्येक परिवार को ‘सहजन’ का पौधा दिया जाए। पौधारोपण अभियान के बहुआयामी प्रभावों का विश्लेषण करने के लिए आइआइएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का सहयोग लिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक व्यापक ‘नदी पुनरोद्धार अभियान’ शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि-सभी ग्राम पंचायतों व नगरीय निकायों में हो ग्रीन चौपाल का आयोजन मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए प्रभावित जिलों में करें सोलर फेंसिंग-कुकरेल नाइट सफारी के निर्माण में तेजी के लिए एक सप्ताह में ठेकेदार चयन की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को अपने आवास में वन एवं पर्यावरण विभाग की समीक्षा बैठक करते हुए कहा कि आंधी बारिश प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों पर नजर रखें अधिकारी:-मुख्यमंत्री ने आंधी-बारिश, ओलावृष्टि को ध्यान में रखते हुए जिलों के अधिकारियों को पूरी तत्परता से राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण कर सर्वे करें, राहत कार्यों पर नजर रखें। घायलों को तत्काल उपचार मुहैया कराया जाए। वज्रपात, आंधी-बारिश आदि आपदा से जनहानि और पशुहानि होने की स्थिति में तत्काल प्रभावितों को राहत राशि का वितरण करें। अधिकारी सर्वे कराकर फसल नुकसान का आकलन करते हुए आख्या शासन को भेजें। जल जमाव होने पर प्राथमिकता पर जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए। जिसके तहत प्रमुख नदियों के दोनों किनारों पर पौधारोपण किया जाएगा। सभी निर्माणाधीन, प्रस्तावित तथा क्रियाशील एक्सप्रेसवे के दोनों ओर खाली भूमि पर नियोजित पौधारोपण कराया जाएगा। नेपाल से आने वाली नदियों में अत्यधिक सिल्ट की समस्या को गंभीर बताते हुए उनके चैनलाइजेशन की संभावनाओं पर विचार करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों व नगरीय निकायों में ‘ग्रीन चौपाल’ का आयोजन किया जाए। इसके माध्यम से पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को अपनाने, कृषि वानिकी तथा टिकाऊ कृषि माडल को प्रोत्साहित करने और पारंपरिक पर्यावरणीय ज्ञान को पुनर्स्थापित करने के प्रयास किए जाएं। ‘ग्रीन चौपाल’ की संरचना और क्रियान्वयन की विस्तृत कार्ययोजना शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए, उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। कहीं विरासत वृक्ष हैं तो कहीं विविध प्रजातियों के वन्यजीव हैं। इन सभी का दस्तावेजी करण आवश्यक है। प्रत्येक ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय में ‘जैव विविधता रजिस्टर’ तैयार कराने के निर्देश दिए।
सीएम योगी ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को अत्यंत संवेदनशील मुद्दा बताते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि बहराइच, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत और बिजनौर जैसे जिलों में सोलर फेंसिंग की प्रभावी व्यवस्था की जाए। वन क्षेत्रों में सघन गश्त सुनिश्चित की जाए। वन सेवा के सभी संवर्गों में रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। वानिकी प्रशिक्षण संस्थानों कानपुर, मेरठ, आगरा, मऊ, मीरजापुर और प्रतापगढ़ की क्षमता वृद्धि और सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए।
सीएम योगी ने वानिकी एवं उद्यानिकी विश्वविद्यालय की अवधारणा की सराहना करते हुए कहा कि इसका भवन इसकी मूल थीम के अनुरूप हो और यह संस्थान विभागीय प्रशिक्षण शोध व नवाचार का केंद्र बने। मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि भारत में पाई जाने वाली कुल 6327 गांगेय डाल्फिन में से 2397 उत्तर प्रदेश में हैं, जो देश में सर्वाधिक है।

