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गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं को खुरपका मुंहपका रोग के टीके से किया जाएगा आच्छादित

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सिद्धार्थनगर 15 जुलाई 2024

गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं को खुरपका मुंहपका रोग के टीके से किया जाएगा आच्छादित

जिलाधिकारी ने खुरपका मुंहपका रोग टीकाकरण प्रचार वाहन को दिखाई हरी झंडी

राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण योजना अंतर्गत चतुर्थ चरण खुरपका मुंहपका रोग टीकाकरण प्रचार वाहन को कलेक्ट्रेट से हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना

सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण योजना अंतर्गत चतुर्थ चरण खुरपका मुंहपका रोग का टीकाकरण अभियान को जिलाधिकारी डा0 राजागणपति आर0 द्वारा प्रचार वाहन को कलेक्ट्रेट से हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया।जिलाधिकारी ने कहा कि यह टीम सर्वप्रथम जनपद के सभी बाढ़ प्रभावित गांवों में टीकाकरण कार्य करेगी तदोपरांत शेष बचे ग्रामों में टीकाकरण कार्य रोस्टर के अनुसार किया जाएगा। जनपद के सभी नोडल अधिकारियों एवं उनके साथ लगे टीमों में कर्मचारियों को सभी पशुओं को 2 डीप इंट्रामस्कुलर इंजेक्शन लगानेके लिए निर्देशित किया गया है।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत जनपद के 280016 गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं को खुरपका मुंहपका रोग के टीके से आच्छादित किया जाएगा। निदेशालय पशुपालन विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा जनपद सिद्धार्थनगर को 2,53,000 डोज जनपद सिद्धार्थनगर को आवंटित किया गया है। जिसको जनपद के सभी विकास खण्डो को लक्ष्य के अनुसार वितरण किया जा चुका है तथा प्रत्येक विकासखंड में उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी/पशु चिकित्सा अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित कर टीम का गठन भी कर दिया गया है। एक टीम में चार सदस्यों को रखा गया है। खुरपका मुंहपका रोग एक विषाणु जनित संक्रामक रोग है जो मुख्य रूप से गाय, भैंस, भेड़,बकरी और सूअर जैसे पालतू पशुओं को प्रभावित करता है। यह रोग पशुओं के स्वास्थ्य एवं उत्पादकता पर गहरा प्रभाव डालता है जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

खुर पका मुंह पका रोग के लक्षण प्रारंभिक चरण में पशुओं को बुखार आना तथा बाद मे पशुओं के मुंह, जीभ, मसूड़े, थन एवं खुरों पर छाले व फफोले बन जाते हैं तथा मुंह में छाले पड़ने से पशुओं को लार अधिक टपकने लगती है, पशु लंगड़ाने भी लगता है और पशु खाना पीना छोड़ देता है, पशुओं में इस रोग के रोकथाम एवं नियंत्रण के उपाय नियमित टीकाकरण कराना है। तथा इस रोग से संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखना चाहिए। इस रोग से बचाव हेतु विभाग द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है।

इस अवसर पर उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ राजबहादुर यादव, डॉ ऋषिकेश दर्शन, डॉ छेदा लाल वर्मा, पशु चिकित्सा अधिकारी,डॉ विजय वर्मा, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ अनिमेष मिश्रा, पशुधन प्रसार अधिकारी अरुण कुमार प्रजापति,रमेश चंद्र, देवेंद्र कुमार सहित टीम के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

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