लखनऊ दिनांक 12 अप्रैल 2022
डाॅ प्रेमलता त्रिपाठी की तीन कृतियां हुई लोकार्पित..
डाॅ प्रेमलता त्रिपाठी की तीन कृतियां “प्रणय से प्रणय तक” छंद संग्रह, “सुधियाँ जैसे बांह पसारे” गीतिका संग्रह व “कामद प्रिया” खण्डकाव्य हुई लोकार्पित। युगधारा फाउण्डेशन, लखनऊ द्वारा स्थानीय कैफी आज़मी एकेडमी, निशातगंज, लखनऊ में आयोजित लोकार्पण व सम्मान समारोह में डाॅ प्रेमलता त्रिपाठी की तीन कृतियों “प्रणय से प्रणय तक” छंद संग्रह, “सुधियाँ जैसे बांह पसारे” गीतिका संग्रह व “कामद प्रिया” खण्डकाव्य का लोकार्पण डाॅ ऊषा सिन्हा, डाॅ हरि शंकर मिश्र, मधुकर अष्ठाना डाॅ अमिता दुबे, सुरेश बाबू मिश्र, डाॅ प्रेमलता त्रिपाठी व इंजीनियर अमरनाथ त्रिपाठी के द्वारा किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डाॅ ऊषा सिन्हा, संचालन कवि राहुल द्विवेदी ‘स्मित’ एवं वाणी वन्दना श्रीमती प्रतिभा गुप्ता द्वारा किया गया ।
मुख्य अतिथि डाॅ हरि शंकर मिश्र, विशिष्ट अतिथि मधुकर अष्ठाना व मुख्य वक्ता हिन्दी संस्थान की डाॅ अमिता दुबे सहित छंदकार डाॅ अशोक कुमार पाण्डेय, अशोक अवस्थी आदि ने लोकार्पित कृतियों पर अपनी समीक्षा व विचार रक्खे ।
अनागत साहित्य संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष डाॅ अजय प्रसून, भ्रमर बैसवारी, डाॅ शिव मंगल सिंह ‘मंगल’, नरेन्द्र भूषण, कमलेश मोर्य मृत्यु, राजेन्द्र शुक्ल राज, उमाशंकर शुक्ल ‘शितिकण्ठ’ सहित मंचासीन साहित्यकारों का पुष्पमाल, अंगवस्त्र व प्रतीक चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया । पण्डित बेअदब लखनवी, मनमोहन बाराकोटी, रेनु द्विवेदी, सौम्या मिश्रा, विभा प्रकाश, मयंक किशोर शुक्ल, शुब्दा बाजपेयी, सरोज बाला सोनी, चेत राम अज्ञानी,सच्चिदानंद मिश्र, सुनील त्रिपाठी, ओम जी मिश्र अभिनव, मृत्युंजय प्रसाद गुप्त, राजा भइया राजभ, उमा कांत पाण्डेय, अवनीश त्रिपाठी, हरीश चन्द्र लोहुमी, दिनेश कुशभुवनपुरी, डाॅ हरि प्रकाश श्रीवास्तव “औंधी हरि”, प्रशांत कुमार, बबली वर्मा, राजकुमार, रंजना मिश्रा, आलोक कुमार दुबे, मनोरमा मिश्रा, अंजू त्रिपाठी, प्रेरणा पाण्डेय, गौरी शंकर वैश्य विनम्र, गिरिराज शंकर तिवारी, गिरीश चन्द्र, चंद्रगत भारती, आशा त्रिपाठी, इंजीनियर एस पी सिंह, इंजीनियर एस बी सिंह आदि अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे ।
पण्डित बेअदब लखनवी
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