दिनाँक-17 मई 2022
डॉ0 ऋतु सांगवान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने विश्व हाइपरटेंशन (उच्चरक्तचाप) दिवस पर लोगों को किया जागरूक
विश्व हाइपरटेंशन(उच्चरक्तचाप) दिवस पर राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय धनपुर मेरठ की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ0 ऋतु सांगवान ने लोगो को बताया कि हाई ब्लड प्रेशर का ही दूसरा नाम हाइपरटेंशन या उच्चरक्तचाप है।हमारे शरीर में मौजूद रक्त नसों में लगातार दौड़ता रहता है और इसी रक्त के माध्यम से शरीर के सभी अंगों तक ऊर्जा और पोषण के लिए ज़रूरी ऑक्सीजन, ग्लूकोज, विटामिन्स, मिनरल्स आदि पहुंचते हैं।
डॉ0 ऋतु सांगवान ने बताया कि ब्लड प्रेशर उस दबाव को कहते हैं,जो रक्त प्रवाह की वजह से नसों की दीवारों पर पड़ता है,ब्लड प्रेशर इस बात पर निर्भर करता है कि दिल कितनी गति से रक्त को पंप कर रहा है और रक्त को नसों में प्रवाहित होने में कितने अवरोधों का सामना करना पड़ रहा है। मेडिकल साइंस एवं चिकित्सीय परामर्श के अनुसार 130/80 mmHg से ज्यादा रक्त का दबाव हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर की श्रेणी में आता है।
हाइपरटेंशन – हाई ब्लडप्रेशर या हाईपरटेंशन का खतरा महिलाओं से ज्यादा पुरुषों में होता है। इसके अलग-अलग कारण हो सकते हैं जैसे- फैमिली हिस्ट्री,तनाव,गलत खानपान और लाइफ स्टाइल आदि।
डॉ0 ऋतु सांगवान ने जागरूक करते हुए कहा कि उच्चरक्तचाप या हाइपरटेंशन मस्तिष्क,हृदय,गुर्दा, लिवर,नेत्र एवं शरीर के अन्य ऑर्गन पर बुरे प्रभाव डालता है फलस्वरूप ये शरीर के ऑर्गन को नुकसान पहुंचा देते हैं लेकिन इससे बचने के लिए न केवल डाइट और लाइफ स्टाइल पर ध्यान देने की जरूरत है बल्कि तनाव को कम करना और शरीर को सक्रिय बनाए रखने के लिए सही एवं नियमित खानपान व तनाव से दूर रहना एवं आयुर्वेद व योग को अपनाना भी बेहद जरूरी है।