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पार्टी की पराजय और दिग्गज नेताओं का पार्टी छोड़ कर जाना अखिलेश यादव का अहंकार नहीं तो और क्या ??  राकेश त्रिपाठी

दिनाँक-03 मई 2022

अखिलेश यादव को अपना अहंकार छोड़कर आत्म चिंतन करने की जरूरत–राकेश त्रिपाठी प्रवक्ता

विधानसभा चुनाव में पार्टी की पराजय और दिग्गज नेताओं का पार्टी छोड़ कर जाना अखिलेश यादव का अहंकारनहीं तो और क्या ??  राकेश त्रिपाठी

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री आत्ममंथन करें–राकेश त्रिपाठी

लखनऊ: प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के ट्वीट करने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से भूचाल आ गया है। जिसको लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा है। राकेश त्रिपाठी ने कहा कि जिस परिवारवाद को लेकर समाजवादी पार्टी आगे बढ़ी थी। आज अखिलेश के गलत नीतियों की वजह से पार्टी के अधिकांश बड़े नेता पार्टी को छोड़ चुके है। विधान सभा चुनाव में हार के बावजूद भी अखिलेश को आत्मचिंतन करने सख्त जरूरत है की कहाँ इतनी बड़ी चूक हमसे कहाँ हुई है। आज की हालत यह है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान का परिवार भी पार्टी को छोड़ चुका है। भाजपा प्रवक्ता ने नसीहत देते हुए कहा कि अखिलेश यादव को विधानसभा में हुए हार को लेकर चिंतन की जरूरत है।

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि जिस समाजवादी पार्टी को अपने मेहनत और खून पसीने से सींचने वाले शिवपाल यादव की आज अखिलेश ने क्या दशा कर दी है। जिसको लेकर बार- बार उनके चाचा अपनी पीड़ा का इजहार कर रहे है। शिवपाल यादव ने बिना किसी का नाम लिए ट्वीट कर लिखा ”हमने उसे चलना सिखाया, वह हमें रौंदता चला गया।” अपने सम्मान के लिए सबसे निचले स्तर पर जाकर मैंने उसको संतुष्ट करने का प्रयास किया। इसके बावजूद भी अगर नाराज हूँ तो किस स्तर तक उसने मेरे हृदय को चोट दी होगी।

आपको बता दें कि अखिलेश और शिवपाल दोनों नेताओं ने 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले अपने -अपने रास्ते अलग कर लिए थे, जिसके बाद शिवपाल ने अपनी नई पार्टी बनाई थी। उन्होंने पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के कहने पर मेल मिलाप के बाद इस साल सपा के चुनाव चिह्न पर साथ में विधानसभा चुनाव लड़ा था।मार्च में सपा विधायकों की बैठक में शिवपाल को आमंत्रित नहीं किए जाने पर उनके और अखिलेश के बीच मतभेद फिर खुलकर सामने आ गए थे। पार्टी के हनुमान कहे जाने वाले समाजवादी नेता ने खुद को आहत महसूस करते हुए विधायक के रूप में शपथ लेने में इसी लिए देरी की थी।

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