बालिकाओं को खेलो सें जोड़ना उनके आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, और सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी- रवि प्रकाश सिंह
कानपुर: 07 फरवरी 2026
कानपुर: बालिकाओं के सपनों को उड़ान भरने दें, वे घर से लेकर देश और राष्ट्र तक का नाम रोशन करेंगी। उनके सपनों को जीवित रखना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। यह बातें इम्पैक्ट के कार्यक्रम प्रबंधक रवि प्रकाश सिंह ने इम्पैक्ट, टाइटन एवं संवाद सामाजिक संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आगाज़ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित गणित-विज्ञान प्रदर्शनी एवं खेल-कूद प्रतियोगिताओं के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि यदि बालिकाओं को सही अवसर और प्रोत्साहन दिया जाए तो वे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। रवि प्रकाश सिंह ने अपने संबोधन में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि पढ़ाई के साथ-साथ बालिकाओं को खेलों में भी आगे लाना आवश्यक है। खेल न केवल उनके शारीरिक और मानसिक विकास को सुदृढ़ बनाते हैं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का भी विकास करते हैं। उन्होंने अभिभावकों एवं शिक्षकों से अपील की कि वे बालिकाओं को शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी समान अवसर प्रदान करें, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें और भविष्य में देश का नाम रोशन करें।
संवाद सामाजिक संस्थान एवं इम्पैक्ट द्वारा संचालित विभिन्न बालिका शिक्षा परियोजनाओं से जुड़ी लगभग 200 छात्राओं ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता करते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। छात्राओं की भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि उचित अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर बालिकाएँ भी हर क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियाँ प्राप्त कर सकती हैं। खेल प्रतियोगिताओं के दौरान छात्राओं ने दौड़, कबड्डी, ऊँची कूद सहित कई खेलों में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। वहीं गणित-विज्ञान प्रदर्शनी में प्रस्तुत छात्राओं के मॉडल ने उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और अभिभावकों का ध्यान आकर्षित किया। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता, अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता के विकास का सकारात्मक संदेश सामने आया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती अंजू प्रजापति ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को शिक्षा के साथ-साथ खेलों और अन्य सह-शैक्षिक गतिविधियों में भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास सुदृढ़ हो सके। इम्पैक्ट की कार्यकारी निदेशक प्रीति ने बताया कि संस्था द्वारा बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, अधिकार संरक्षण एवं सशक्तिकरण के लिए निरंतर विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। आगाज़ कार्यक्रम इसी प्रयास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने और उन्हें विकसित करने के लिए सकारात्मक मंच प्रदान करना है।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया तथा सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में इम्पैक्ट के फरहान, सुरेन्द्र मिश्रा, संवाद सामाजिक संस्थान के आलोक मिश्रा, जमान, प्रीति, सूरज सोनकर, अंजली सहित बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।

