यूपी में योगी और अखिलेश के विकास कार्यों की तुलना करें! तो योगी का विकास सर्वोपरि! देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर
स्वच्छ भारत अभियान के तहत 2.62 करोड़ शौचालय बनवाए गए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की स्थिति में सुधार हुआ
योगी सरकार के कार्यकाल में बुनियादी ढांचे में जबरदस्त विकास हुआ! छह नए एक्सप्रेसवे बने, 11 पर काम जारी है!
अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई हेतु महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉड जैसी पहल शुरू की गई
लखनऊ, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, कानपुर और आगरा जैसे शहरों में मेट्रो शुरू हुईं! इससे प्रदेश की कनेक्टिविटी और शहरी परिवहन में बड़ा सुधार आया
योगी सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भी उल्लेखनीय काम किया! 18 नए मेडिकल कॉलेज खुले!
सभी जिलों में मुफ्त डायलिसिस सुविधा शुरू हुई!आयुष्मान भारत योजना के तहत लाखों परिवारों को मुफ्त इलाज मिला
गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना और मुफ्त राशन वितरण ने करोड़ों लोगों को राहत पहुंचाई!
मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी राज्य बन गया! राज्य की अर्थव्यवस्था भारत में दूसरी सबसे बड़ी हो गई!
स्वच्छ भारत अभियान के तहत 2.62 करोड़ शौचालय बनवाए गए! जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की स्थिति में सुधार हुआ!
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव दोनों ही मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने कार्यकाल में कई अहम फैसले लिए और राज्य के विकास के लिए प्रयास किए। लेकिन योगी आदित्यनाथ का कार्यकाल कई मायनों में उल्लेखनीय रहा है। उनके नेतृत्व में प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती दिखाई दी, अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई हुई और महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉड जैसी पहल शुरू की गई।
योगी सरकार के दौरान बुनियादी ढांचे में जबरदस्त विकास हुआ! छह नए एक्सप्रेसवे बने, 11 पर काम जारी है, और मेट्रो सेवाएं लखनऊ, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, कानपुर और आगरा जैसे शहरों में शुरू हुईं। इससे प्रदेश की कनेक्टिविटी और शहरी परिवहन में बड़ा सुधार आया।
योगी सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भी उल्लेखनीय काम किया! 18 नए मेडिकल कॉलेज खुले, सभी जिलों में मुफ्त डायलिसिस सुविधा शुरू हुई और आयुष्मान भारत योजना के तहत लाखों परिवारों को मुफ्त इलाज मिला।
ग्रामीण विकास और गरीबों के लिए योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना और मुफ्त राशन वितरण ने करोड़ों लोगों को राहत पहुंचाई। स्वच्छ भारत अभियान के तहत 2.62 करोड़ शौचालय बनवाए गए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की स्थिति में सुधार हुआ।
उद्योग और निवेश के क्षेत्र में भी योगी सरकार ने रिकॉर्ड तोड़े! ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए, जिनमें से 10 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू भी हो गया। मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी राज्य बन गया और राज्य की अर्थव्यवस्था भारत में दूसरी सबसे बड़ी हो गई।
सीएम योगी के द्वारा महिलाओं और युवाओं के लिए भी कई योजनाएं शुरू की गईं। महिला सुरक्षा के लिए PAC बटालियन, युवाओं के लिए मुफ्त टैबलेट वितरण और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना जैसी पहलें की गईं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े! योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में प्रदेश की छवि में बदलाव आया है। अब उत्तर प्रदेश को कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के लिए जाना जाता है, जबकि पहले यह बीमारू राज्य,अपराध और अव्यवस्था के लिए बदनाम था।
हालांकि,अखिलेश यादव के कार्यकाल में भी कई अच्छे काम हुए थे, जैसे लखनऊ मेट्रो की शुरुआत, समाजवादी पेंशन योजना, लैपटॉप वितरण, और एक्सप्रेसवे निर्माण की नींव! लेकिन योगी सरकार के दौरान योजनाओं का विस्तार, पारदर्शिता और क्रियान्वयन की गति अधिक देखने को मिली! अगर दोनो पार्टियों के कामकाज को देखा जाए तो उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ का काम ज्यादा प्रभावशाली और दूरगामी रहा है! खासकर कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और गरीब कल्याण के क्षेत्र में!

