राजा भइया बने उ0प्र0 विधानसभा अध्यक्ष के प्रस्तावक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा के अध्यक्ष पद के लिए सोमवार को पूर्व औद्योगिक विकास मंत्री व कानपुर की महराजपुर सीट से आठवीं बार विधायक बने सतीश महाना ने नामांकन किया। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के मुखिया व कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया ने सतीश महाना के नामांकन में प्रस्तावक के साथ ही समर्थक की भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राजा भइया के साथ जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के बाबागंज विधायक विनोद सरोज भी विधानसभा अध्यक्ष के नामांकन में समर्थक के रूप में मौजूद रहे।नामांकन में राजा भइया का मौजूद रहना चर्चा की विषय बन गया है।विधानसभा चुनाव के चुनावी रण से पहले ही भाजपा और राजा भइया के नजदीक आने की चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया था।राजा भइया ने सोमवार को खुल्ला भाजपा को समर्थन देकर आगे की रणनीति साफ कर दी है।राजा भइया एनडीए के साथ गठबंधन में न होकर भी संजय निषाद और अनुप्रिया पटेल से कहीं ज्यादा चर्चाओं में हैं।
आपको बता दें कि जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के मुखिया व कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भइया का भारतीय जनता पार्टी के साथ जाने की चर्चा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के चुनावी रण के पहले से ही शुरू थी।इस चर्चा के पीछे समाजवादी पार्टी मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बयानों को मुख्य कारण माना गया।विधानसभा चुनाव के चुनावी रण से पहले अखिलेश यादव ने मीडिया के सवाल पर कहा था कि कौन है राजा भइया।अखिलेश यादव ने कुंडा में राजा भइया से राजनीति का ककहरा सीखने वाले गुलशन यादव को राजा भइया के सामने चुनावी रण के मैदान में उतार दिया था। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के समय से चली आ रही राजा भइया की नजदीकी दूरी में बदल गई।राजा भइया के बयानों में भाजपा के लिए सॉफ्ट कॉर्नर देखा जाने लगा। देखा जाए तो राजा भइया ने कभी खुलकर एनडीए में शामिल होने की बात नहीं कही।
अखिलेश यादव ने कुंडा में कुंडी लगाने से जुड़ा बयान दिया था। इस पर राजा भैया ने जवाब दिया कि अभी कुंडा में कुंडी लगा दे ऐसा कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ। वहीं अखिलेश के लगातार हमले के बाद राजा भैया ने खुले मंच से कहा था कि न सरकार बन रही है और न बनने देंगे। इसके बाद साफ हो गया था कि अब वो आने वाले समय में बीजेपी का साथ दे सकते हैं।
एमएलसी और लोकसभा चुनाव से पहले की तैयारी निषाद पार्टी और अपना दल एस को अब तक बीजेपी की सबसे अहम सहयोगी पार्टी के रूप में जाना जा रहा है। संजय निषाद को कैबिनेट मंत्री का पद भी मिला है। वहीं अनुप्रिया पटेल के पति आशीष पटेल को भी योगी मंत्रिमंडल में जगह मिल गई है,लेकिन अब राजा भइया की भूमिका पर भी चर्चा शुरू हो गई है। यूपी विधानसभा अध्यक्ष के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता सतीश महाना का समर्थन करने पर एमएलसी चुनाव में राजा भइया को भी इधर से सहयोग मिल सकता है। उनकी पार्टी भी एमएलसी चुनाव की तैयारी में जुट गई है।