लखनऊ–26 मार्च 2022
केशव मौर्या को हार के बाद भी बनाया गया डिप्टी सीएम, दिनेश शर्मा का कटा पत्ता
लखनऊ।योगी आदित्यनाथ और उनकी नई कैबिनेट के मंत्रियों ने शुक्रवार को राजधानी लखनऊ के भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शपथ ली।चुनाव में सिराथू विधानसभा सीट से पराजित होने के बाद भी केशव प्रसाद मौर्य को दूसरी बार उप मुख्यमंत्री बनाया गया।उप मुख्यमंत्री रहे दिनेश शर्मा का पत्ता कट कर भाजपा ने योगी की पिछली सरकार में कानून मंत्री रहे ब्रजेश पाठक को उप मुख्यमंत्री बना दिया।आखिर ऐसा क्या करण है कि पराजित होने वाले केशव उप मुख्यमंत्री बने और दिनेश शर्मा को क्यों इस सरकार में उप मुख्यमंत्री क्या मंत्रिमंडल तक में शामिल नहीं किया गया है।
केशव को क्यों बनाया गया डिप्टी सीएम–उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की बात करें तो राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में सक्रिय रहने के बाद भाजपा में एंट्री लेने वाले मौर्य पिछड़ी जाति के बड़े चेहरे हैं। भाजपा में पिछड़ी जाति को भाजपा के पक्ष में करने में केशव की अहम भूमिका रही है।2022 विधानसभा चुनाव में केशव ने जिस तरह चुनाव मैनेजमेंट किया और 2024 लोकसभा चुनाव को देखते हुए केशव को पराजय के बाद भी उप मुख्यमंत्री बनाया गया है।
भाजपा में कद्दावर नेता–विश्व हिंदू परिषद नेता अशोक सिंघल के करीबी और पिछड़ों का बड़ा चेहरा केशव प्रसाद मौर्य भाजपा में कद्दावर नेता हैं। केशव ने 2012 जब प्रदेश में सपा ने ऐतिहासिक जीत हासिल की थी तब केशव मौर्या अकेले मंडल की सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा को जीत दिलाकर इकलौते विधायक बने थे। राष्ट्रवादी और हिंदुत्ववादी छवि वाले इस नेता ने बड़ी संख्या में भाजपा में पिछड़ों को शामिल करवाया है। इस विधानसभा चुनाव में अगर उनके सिराथू विधानसभा से चुनाव हारने की बात की जाए तो उप मुख्यमंत्री होने के नाते केशव अन्य जगहों पर चुनाव प्रचार करने के चक्कर में अपनी सीट पर प्रचार पर ध्यान नहीं दे पाए और सपा की डॉ. पल्लवी पटेल से 7, 377 वोटो से पराजित हो गए।दूसरी उप मुख्यमंत्री बनने पर केशव के समर्थक फूले नहीं समा रहे हैं।
दिनेश शर्मा को क्यों कटा पत्ता–पिछली सरकार में उप मुख्यमंत्री रहे डॉ दिनेश शर्मा की अगर बात की जाए तो उनकी छवि सीधे-साधे नेता की रही है,ब्राह्मणों को साधने के लिए पिछली सरकार में उप मुख्यमंत्री बनाया गया था,लेकिन पिछली सरकार के कार्यकाल में कई ऐसे मौके आए जब दिनेश शर्मा ब्राह्मणों के हितैषी नहीं नजर आए। दिनेश शर्मा की तुलना में बृजेश पाठक एक तेज तर्रार नेता और जनता के प्रिय नेता है।
ब्रजेश पाठक को क्यों बनाया गया डिप्टी सीएम–ब्रजेश पाठक बसपा में रहते हुए बड़ी संख्या में दलितों की पार्टी से ब्राह्मण वोटरों को रिझाकर ये साबित कर दिया था कि उनमें कितना दम हैं।ब्रजेश पाठक को उप मुख्यमंत्री बनाने के पीछे जनप्रिय होना तो है ही साथ 2024 के लिए भाजपा की जमीन को मजबूत करना है।