लखनऊ 11, दिसम्बर 2023
शायरा प्रतिभा श्रीवास्तव अनागत चंद्रिका व शायर प्रमोद श्रीवास्तव को मार्तण्ड सम्मान से किया गया सम्मानित
नाखुदा डुबा ही गया लूट के जहाँ मेरा,
कश्ती हमने छोड़ी थी जिसकी निगहबानी में – प्रतिभा श्रीवास्तव
अखिल भारतीय अनागत साहित्य संस्थान लखनऊ के तत्वावधान में एक अनागत काव्य एवं सम्मान गोष्ठी राम दुलारे सिंह सुजान की अध्यक्षता में त्रिवेणी नगर सीतापुर रोड, लखनऊ में समपन्न हुई। मुख्य अतिथि उपेन्द्र बाजपेई एवं सत्येन्द्र तिवारी थे। विशिष्ट अतिथि श्रीमती रत्ना बापुली एवं उमेश प्रकाश उमेश रहे। अति विशिष्ट अतिथि प्रवीण पाण्डेय एवं राम राज भारती थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण, दीप प्रज्जवलन श्रीमती नमिता सिंह नमी की सुमधुर वाणी वन्दना व पण्डित बेअदब लखनवी के कुशल संचालन से हुआ।
इस अवसर पर शायर प्रमोद श्रीवास्तव को अनागत मार्तंड सम्मान एवं शायरा श्रीमती प्रतिभा श्रीवास्तव को अनागत कविता चंद्रिका सम्मान माल्यार्पण,शाल्यार्पण एवं प्रतीक चिह्न प्रदान किया गया। आज के इस गोष्ठी में उपस्थित समस्त साहित्यकार बंधुओं को अनागत सहयात्री सम्मान से सम्मान पत्र व मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
अनागत काव्य गोष्ठी में पण्डित बेअदब लखनवी सहित सर्वश्री राम दुलारे सिंह, डॉ अजय प्रसून, उपेन्द्र बाजपेई, सत्येन्द्र तिवारी, उमेश प्रकाश उमेश, प्रवीण पाण्डेय आवारा, राम राज भारती फतेहपुरी, विवेक दुग्गल, डॉ संदीप कुमार शर्मा, प्रमोद श्रीवास्तव, सत्य देव सिंह, खालिद हुसैन, विनीत श्रीवास्तव, सुधीर श्रीवास्तव,उमेश प्रकाश, पी सी श्रीवास्तव, उमा शंकर तिवारी, विपुल कुमार मिश्र लंकेश, रत्ना बापुली, नमिता सिंह नमी एवं प्रतिभा श्रीवास्तव आदि ने अपनी उत्कृष्ट अनागत कविताओं का पाठ किया।
अंत में आयोजक डॉ अजय प्रसून ने अतिथियों का आभार ज्ञापित कर कार्यक्रम के समापन की औपचारिक घोषणा की।
भवदीय:– पण्डित बेअदब लखनवी