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शिवपाल और अखिलेश की सुलह सिर्फ ध्यान भटकाने की कोशिश -राकेश त्रिपाठी

शिवपाल और अखिलेश की सुलह सिर्फ ध्यान भटकाने की कोशिश – राकेश त्रिपाठी..

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समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी विधानसभा चुनाव 2022 (UP Assembly Election 2022) में अपने चाचा शिवपाल यादव के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा पर विपक्षी पार्टियों ने तंज कसा है. भाजपा का कहना है कि यह समझौता सिर्फ ध्यान भटकाने के लिए है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में “(यूपी एसेम्बली इलेक्शन 2022)” में अपने चाचा शिवपाल यादव के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. सपा-प्रसपा में गठबंधन और चाचा और भतीजे में समझौता होने पर विपक्षी पार्टियों न घेरना शुरू कर दिया है. भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि यह समझौता चुनाव में जनता का ध्यान भटकाने के लिए है। राकेश त्रिपाठी, प्रदेश प्रवक्ता-भाजपा ने कहा कि भतीजे अखिलेश का बड़ा बयान आया है कि चाचा शिवपाल के साथ मिलकर लड़ेंगे 2022 का विधान सभा का यूपी चुनाव..

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी का कहना है कि सपा में कितनी भी कोशिशें हुई हैं मगर यह सुलह कभी नहीं हो सकती. यह केवल ध्यान बटाने की एक योजना भर है. जिसके जरिए खबरों में आने की कोशिश अखिलेश यादव कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार का सामना मिलकर भी यह नहीं कर पाएंगे, चाहे कितनी भी कोशिशें की जाएं. 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले भी इसी तरह की झगड़े और सुलह की बातें हुई थी लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला था. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की यह कोशिश फिर बेकार साबित होगी और योगी आदित्यनाथ दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे…..

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव जल्द ही एक साथ आ सकते हैं. सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बयान दिया है कि चाचा के साथ गठबंधन कर चुनाव मैदान में उतरेंगे, ऐसे में अब उन अटकलों पर भी विराम लग गया है जिनमें लगातार एक होने की बात तो होती थी, लेकिन सालों से चाचा और भतीजे एक नहीं हो पाए थे. अब जल्द ही गठबंधन कर चाचा और भतीजा चुनाव में एक साथ मैदान में उतरेंगे।

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