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संसद में गूंजी पुरानी भर्ती वाले शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा की आवाज! सांसद पाल ने “विधायी” नीतिगत हस्तक्षेप करने की मांग

संसद में गूंजी पुरानी भर्ती वाले शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा की आवाज! सांसद पाल ने “विधायी” नीतिगत हस्तक्षेप करने की मांग

लोकसभा में शिक्षकों के हित में मुद्दा उठाने के लिए टीचर्स फेडरेशन आफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने सांसद पाल के प्रति जताया आभार

सिद्धार्थनगर : डुमरियागंज लोकसभा क्षेत्र के सांसद जगदम्बिका पाल ने लोकसभा में नियम 377 के तहत देश के लाखों प्राथमिक शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा का मुद्दा बेहद प्रभावी ढंग से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकर्षित करते हुए उन शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया।

सांसद ने अपने वक्तव्य में कहा कि उत्तर प्रदेश सहित देश भर में ऐसे लाखों शिक्षक हैं, जिनकी नियुक्ति 23 अगस्त, 2010 से पहले उस समय लागू नियमों के अनुसार हुई थी। उस समय शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) को अनिवार्य नहीं किया गया था, और न ही आरटीई (राइट ऑफ चिल्ड्रन टू फ्री एंड कम्पल्सरी एजुकेशन एक्ट, 2009) के तहत इसकी अनिवार्यता थी। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए एक निर्णय के बाद, अब इन पुराने अनुभवी शिक्षकों के लिए भी टेट उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। वर्तमान व्यवस्था के तहत यदि ये शिक्षक 31 अगस्त 2028 तक टेट उत्तीर्ण नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें सेवा से बाहर किया जा सकता है। सांसद ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से समर्पित भाव से सेवा दे रहे इन लाखों अनुभवी शिक्षकों के सामने अचानक सेवा, पेंशन और आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

सांसद पाल ने सचेत किया कि यदि इतनी बड़ी संख्या में अनुभवी शिक्षकों को सेवा से बाहर किया जाता है, तो इसका सबसे प्रतिकूल और बुरा असर ग्रामीण तथा दूरस्थ क्षेत्रों की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा। सांसद ने केंद्र सरकार से मांग किया कि इस संवेदनशील विषय पर आवश्यक विधायी “किसी विधायिका द्वारा निर्मित या कार्यान्वित,विशेष रूप से कार्यपालिका या न्यायपालिका से भिन्न” नीतिगत हस्तक्षेप किया जाए। सांसद ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन शिक्षकों के प्रति एक सकारात्मक और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जल्द ही कोई आवश्यक निर्णय लेगी, जिससे लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिल सके।

टीचर्स फेडरेशन आफ इंडिया (टीएफआई) ने जताया आभार:लोकसभा में शिक्षकों के हित में मुद्दा उठाने के लिए टीचर्स फेडरेशन आफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व उ0प्र0 प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने सांसद के प्रति आभार जताते हुए कहा कि शिक्षक हर संघर्ष में सांसद जगदम्बिका पाल को अपने साथ मजबूती से खड़ा पाया है। अब शिक्षकों को विश्वास हो गया है कि टेट मुद्दे का समाधान केंद्र सरकार अवश्य करेगी।

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