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सांसद पाल ने लोकसभा में ज़ीरो आवर के दौरान रेलवे माल गोदाम श्रमिकों का मुद्दा उठाया

नई दिल्ली,11 दिसम्बर 2025

सांसद पाल ने लोकसभा में ज़ीरो आवर के दौरान रेलवे माल गोदाम श्रमिकों का मुद्दा उठाया

वरिष्ठ सांसद जगदम्बिका पाल ने आज लोकसभा में ज़ीरो आवर के दौरान भारतीय रेलवे के माल गोदामों में काम करने वाले श्रमिकों की स्थिति का महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया और सरकार से इनके हितों की रक्षा हेतु शीघ्र नीति हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।

सांसद पाल ने अपने वक्तव्य की शुरुआत प्रधानमंत्री और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को धन्यवाद देते हुए की, जिन्होंने चार नये श्रम संहिताओं (Labour Codes) के माध्यम से देश के श्रमिकों के कल्याण और पारदर्शिता के लिए ऐतिहासिक सुधार लागू किए हैं।उन्होंने कहा कि रेलवे माल गोदामों में कार्यरत श्रमिक देश की सप्लाई चेन की रीढ़ हैं। कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान इन श्रमिकों ने जोखिम उठाकर आवश्यक वस्तुएं, दवाइयाँ और अनाज देश के हर कोने तक पहुँचाने में अभूतपूर्व योगदान दिया। श्री पाल ने इसे “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना का सजीव उदाहरण बताया।

सांसद ने चिंता जताई कि लगातार 24×7 काम कर रेलवे की आय, संचालन क्षमता और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के बावजूद कई स्थानों पर इन श्रमिकों को पहचान-पत्र, सामाजिक सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा, बुनियादी संरचना तथा पारदर्शी वेतन व्यवस्था जैसी आवश्यक सुविधाओं का अभाव झेलना पड़ रहा है। श्रम मंत्रालय द्वारा प्राप्त रिपोर्टें भी इन कमियों की पुष्टि करती हैं।उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश की लॉजिस्टिक्स प्रणाली को मजबूत करना आवश्यक है, और इसके लिए उन श्रमिकों की सुरक्षा एवं गरिमा सुनिश्चित करना उतना ही जरूरी है जो प्रतिदिन देश की अर्थव्यवस्था को अपने कंधों पर ढोते हैं।

सांसद पाल ने सरकार से आग्रह किया कि श्रम मंत्रालय द्वारा रेलवे माल गोदाम श्रमिकों की वास्तविक स्थिति पर चल रही नीति-निर्माण प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर उचित निर्णय लिया जाए। उन्होंने श्रम मंत्री से यह भी अनुरोध किया कि महाराष्ट्र के माथाडी बोर्ड और भारतीय खाद्य निगम (FCI) के मजदूरों के लिए गठित निगम की तर्ज पर रेलवे माल गोदाम श्रमिकों के लिए भी एक बोर्ड या कॉरपोरेशन के गठन पर विचार किया जाए।

सांसद ने कहा कि ऐसी व्यवस्था से इन श्रमिकों को उचित वेतनमान, पहचान-पत्र, सामाजिक सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षित कार्य-परिसर सुनिश्चित किया जा सकेगा।जगदम्बिका पाल ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि सरकार इस विषय पर संवेदनशीलता से विचार करेगी और इन अनदेखे कोविड-योद्धाओं को उनका उचित अधिकार और सम्मान अवश्य प्रदान करेगी।

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