Wed. May 27th, 2026

सीएम योगी ने लखनऊ में नगर निगम की ₹413 करोड़ लागत की 342 जनकल्याणकारी परियोजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास

सीएम योगी ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में नगर निगम की ₹413 करोड़ लागत की 342 जनकल्याणकारी परियोजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास

सीएम योगी ने ‘स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ’ से संबंधित पुस्तिका का विमोचन किया, तथा नगर निगम द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया

सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर कसा तंज,बिजली आती नहीं थी और पूर्व की सरकारों में तार पर सुखाए जाते थे कपड़े

महापौर सुषमा खर्कवाल का तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर सीएम योगी ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया प्रतिभाग

लखनऊ :सीएम योगी ने महापौर और पार्षदों के तीन साल के कार्यकाल के पूरा होने पर मंच से विपक्ष पर किया तीखा प्रहार किया।उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में जो होता था, किसी से छिपा नहीं है। बिजली संकट को लेकर सरकार को घेरने वाले विपक्षी दलों के नेताओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करारा जवाब दिया,और तंज कसते हुए कहा, कि पिछली सरकारों में बिजली आती ही नहीं थी,जनता द्वारा तारों पर ही कपड़े सुखाए जाते थे,आज ऐसे लोग बिजली संकट की बात करते हैं।उन्होंने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में कहा,कि बिजली संकट पूरी दुनिया की चुनौती है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बना रहा है। उन्होंने लोगों से जरूरत के अनुसार बिजली उपयोग करने की अपील की। कहा कि अनावश्यक स्ट्रीट लाइट न जलाएं और ऊर्जा बचत में सहयोग करें। प्रदेश में 2017 से पहले मात्र छह हजार मेगावाट बिजली उत्पादन होता था। जबकि अब 13 हजार मेगावाट का उत्पादन हो गया है। बिजली व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है।

मुख्यमंत्री योगी ने मंगलवार को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभागों के कार्यों की समीक्षा की।उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को सशक्त बनाना होगा। साथ ही मातृ एवं शिशु मृत्यु दर घटाने, टीबी व संक्रामक रोगों पर नियंत्रण के लिए तत्परता से कदम उठाने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि मेडिकल कालेजों, नर्सिंग संस्थानों पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी सकरार ने ‘गड्ढों’ को भरने का काम किया है और ‘कूड़ेदानों’ को साफ किया गया है। अब लक्ष्य स्वच्छ, सुव्यवस्थित व आधुनिक राजधानी तैयार करना है। पूर्ववर्ती सरकारों के एजेंडे में न युवा थे, न महिलाएं, न गरीब और न ही किसान, बल्कि खास लोगों के लिए पिछली सरकारों में परिवार को ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाता था। वर्तमान सरकार ने 65 लाख गरीबों को आवास उपलब्ध कराया। उन्होंने स्वच्छ-सुंदर-समर्थ अभियान के तहत नगर निगम की 413 करोड़ रुपये लागत वाली 342 जनकल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

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