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16 नवंबर से शुरु होगी जनगणना-2027 की स्वगणना प्रक्रिया, एक दिसंबर से घर-घर पहुंचेगे प्रगणक

16 नवंबर से शुरु होगी जनगणना-2027 की स्वगणना प्रक्रिया, एक दिसंबर से घर-घर पहुंचेगे प्रगणक

जनपद में 5543 प्रगणक और 916 पर्यवेक्षक संभालेंगे जिम्मेदारी, डीएम ने प्रेसवार्ता कर नागरिकों से की सक्रिय सहभागिता की अपील

महराजगंज से News17 India संवाददाता की रिपोर्ट..

महराजगंज। जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर शनिवार को जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता की। मुख्य विकास अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वि0रा0) डॉ. प्रशांत कुमार की मौजूदगी में जिलाधिकारी ने जनगणना की तैयारियों, स्वगणना प्रक्रिया और जनपद में संचालित होने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जनपदवासियों से जनगणना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना-2027 के तहत 16 नवंबर से 30 नवंबर तक स्वगणना की प्रक्रिया संचालित की जाएगी। इसके बाद एक दिसंबर से प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना का कार्य करेंगे। इसके लिए जनपद में कुल 5543 प्रगणकों और 916 पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाएगी। सभी कार्मिकों के प्रशिक्षण का कार्य अंतिम चरण में है। कुल कार्मिकों में 10 प्रतिशत को आरक्षित श्रेणी में रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनकी सेवाएं ली जा सकें।उन्होंने बताया कि स्वगणना के दौरान नागरिकों को कुल 40 प्रश्नों के उत्तर दर्ज करने होंगे। लोगों से अपील की गई कि वे सभी प्रश्नों का सही और स्पष्ट जवाब दें, जिससे जनगणना के आंकड़े सटीक तैयार हो सकें।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना में उपलब्ध कराई गई सभी सूचनाएं पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी। इनका इस्तेमाल किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता। इन सूचनाओं को न्यायालय में साक्ष्य के रूप में भी प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है। साथ ही जनगणना से संबंधित सूचनाएं आरटीआई के दायरे से भी बाहर हैं। ऐसे में नागरिक बिना किसी संकोच के सही जानकारी उपलब्ध कराएं।

डीएम ने स्पष्ट किया कि जनगणना में जनपद के स्थायी और अस्थायी रूप से निवास करने वाले सभी व्यक्तियों को शामिल किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति गणना से छूटने न पाए, इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है। बेघर लोगों, हॉस्टल में रहने वाले व्यक्तियों और सशस्त्र बलों में कार्यरत लोगों की गणना भी सुनिश्चित की जाएगी। नेटवर्क की समस्या वाले शैडो क्षेत्रों में स्वगणना के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे।उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में प्रगणक नहीं पहुंचते हैं तो इसकी सूचना हेल्पलाइन नंबर 1855 पर दी जा सकती है, ताकि संबंधित क्षेत्र में गणना सुनिश्चित कराई जा सके। स्वगणना के दौरान विभिन्न थीम आधारित दिवसों का भी आयोजन किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके आंकड़े भविष्य की सरकारी नीतियों, विकास योजनाओं और संसाधनों के बेहतर नियोजन का आधार बनेंगे। इसलिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण है। प्रेसवार्ता के दौरान जिलाधिकारी ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए जनगणना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी जानकारी दी।

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