Tue. Apr 21st, 2026

नहर व्यवस्था में सुधार के लिए मुख्यमंत्री ने 95 नई परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान की

#लखनऊ: 19 नवंबर 2025

नहर व्यवस्था में सुधार के लिए मुख्यमंत्री ने 95 नई परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान की

39,453.39 लाख की लागत वाली इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर 36 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई क्षमता पुनर्स्थापित होगी

परियोजनाओं के पूर्ण होने पर 36 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई क्षमता पुनर्स्थापित होगी, जिससे लगभग 09 लाख किसानों और ग्रामीण आबादी को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की विस्तृत समीक्षा में लिए कई अहम फैसले

विकाश में स्थानीय पहचान और सुविधाओं का संतुलन,अनुपयोगी भूमि की बनाएं कार्ययोजना

#लखनऊ: मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश में नहर व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 95 नई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजनाएं प्रदेश के कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने और किसानों को समयबद्ध सिंचाई उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेंगी,कुल ₹39,453.39 लाख की लागत वाली इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर 36 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई क्षमता पुनर्स्थापित होगी, जिससे लगभग 09 लाख किसानों और ग्रामीण आबादी को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। साथ ही, 273 हेक्टेयर विभागीय राजकीय भूमि को संरक्षित किया जा सकेगा,सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण हों और गुणवत्ता पर किसी भी स्थिति में समझौता न किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण नहीं बल्कि जल प्रबन्धन की दक्षता, किसान हित, कृषि उत्पादन में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के किसी भी किसान की फसल सिंचाई के अभाव में प्रभावित न होने पाए। विभागीय भूमि का सुविचारित उपयोग विभाग की आय संवर्द्धन में सहायक होगा,आगामी वर्ष की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां जनवरी माह से प्रारम्भ की जाएं। इस सम्बन्ध में जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि समय रहते आगे की कार्यवाही सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि नहर पुनर्स्थापना से जुड़ी इन 95 परियोजनाओं में नहर प्रणाली के गैप्स में नहर निर्माण, हेड रेगुलेटर, क्रॉस रेगुलेटर, साइफन, फॉल तथा अन्य पक्की संरचनाओं का निर्माण सम्मिलित है। नहरों के आन्तरिक एवं बाह्य सेक्शन के सुधार, फिलिंग रीच में लाइनिंग के कार्य, क्षतिग्रस्त कुलाबों के पुनर्निर्माण, नहरों पर पुल-पुलियों के निर्माण एवं मरम्मत तथा नहर पटरियों पर खड़न्जा निर्माण को भी परियोजनाओं में सम्मिलित किया गया है,निरीक्षण भवनों, कार्यालय भवनों तथा नहरों पर निर्मित पनचक्कियों के जीर्णोद्धार के साथ ही विभागीय भूमि की सुरक्षा हेतु बाउन्ड्रीवाल निर्माण भी प्रस्तावित है,सीएम ने कहा कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से सिंचाई नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी और विभिन्न क्षेत्रों में जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी, विशेष रूप से पूर्वांचल, तराई, बुन्देलखण्ड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को इनसे बड़ा लाभ मिलने की सम्भावना है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *