मुख्यमंत्री योगी ने इलेक्ट्रिक-हाइड्रोजन बसो को दिखाई हरी झंडी
हर शहर और गांव को ग्रीन मोबिलिटी से जोड़ेंग-मुख्यमंत्री
15 जून तक 110 इलेक्ट्रिक बसें होंगी कई मार्गों पर, मांग बढ़ने पर 500 बसों तक पहुंच जाएगा बेड़ा-मुख्यमंत्री
लखनऊ में नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यीडा क्षेत्र में जेवर एयरपोर्ट तक संचालित होने वाली यूपीएसआरटीसी की इलेक्ट्रिक बसों को रवाना करते सीएम योगी आदित्यनाथ, साथ में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह व अन्य।
लखनऊः प्रदेश को स्वच्छ, आधुनिक और भविष्य की परिवहन व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बड़ा कदम उठाते हुए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर तक संचालित होने वाली 45 इलेक्ट्रिक और तीन हाइड्रोजन बसों का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर शहर और गांव को ग्रीन मोबिलिटी से जोड़ना है। एक्सप्रेसवे, मेट्रो, एयरपोर्ट और इलेक्ट्रिक बस सेवा के विस्तार ने प्रदेश को सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों में शामिल कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक संचालित होने वाली 45 इलेक्ट्रिक और तीन हाइड्रोजन बसों को हरी झंडी दिखाई। साथ ही, नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का शुभारंभ किया। सीएम ने कहा कि 15 जून से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन शुरू होगा। एयरपोर्ट तक यात्रियों को सहज और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए परिवहन निगम के माध्यम से इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू की गई है। 15 जून तक 110 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो जाएंगी और आवश्यकता के अनुसार उनकी संख्या बढ़ाकर 500 तक की जाएगी। योगी ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र आइटी, इलेक्ट्रानिक्स, डाटा सेंटर, स्टार्टअप और सेमीकंडक्टर माडल बन चुका है। गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे प्रदेश की नई पहचान बने हैं। जल्द ही लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का भी लोकार्पण होगा जिससे प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 17 नगर निगमों में 700 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें पहले से संचालित हो रही हैं। अब इलेक्ट्रिक बसों के निर्माण के लिए भी प्रदेश आत्मनिर्भर बन रहा है। टाटा मोटर्स और अशोक लेलैंड ने लखनऊ में अपने विनिर्माण संयंत्र स्थापित किए उद्योगों के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। जहां मेट्रो सेवाएं उपलब्ध हैं, वहीं इलेक्ट्रिक बसें लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश टूटी सड़कों, बिजली संकट व अव्यवस्था के लिए जाना जाता था, लेकिन आज राज्य एक्सप्रेसवे व आधुनिक कनेक्टिविटी का है। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में शुरू की गईं तीन हाइड्रोजन बसों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इनके लिए ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन सीवर के पानी से किया जाएगा। एनटीपीसी द्वारा उपलब्ध कराई गई यह तकनीक नया अध्याय साबित होगी।

