बॉर्डर पर हो रही तस्करी के रोकथाम को लेकर डीएम व एसपी ने एसएसबी और कस्टम अधिकारियों के साथ की संयुक्त बैठक
बॉर्डर हो रही तस्करी में शामिल नेटवर्क को चिह्नित कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए- जिलाधिकारी
सिद्धार्थनगर। डीएम के कैंप कार्यालय पर बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने एसएसबी और कस्टम अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की। इसमें सीमा पार होने वाली तस्करी के नए तरीकों, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई की व्यापक रणनीति तय की।बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि तस्करी में शामिल नेटवर्क को चिह्नित कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए, सीमा पर गश्त और चेकिंग को और अधिक सघन बनाया जाए।डीएम की अध्यक्षता और एसपी की मौजूदगी में आयोजित बैठक में नेपाल सीमा से प्रतिबंधित दवाओं और नशीली चीजों के दुरुपयोग व उनकी तस्करी को रोकने पर विशेष जोर दिया गया। डीएम व एसपी ने संयुक्त बयान में कहा कि सीमा क्षेत्र में सक्रिय अवैध कारोबारियों की पहचान कर उनके खिलाफ समन्वित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आमजन को नशामुक्ति के प्रति जागरूक करने, मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव बताने और तस्करी की सूचना तत्काल प्रशासन व पुलिस को उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
प्रशासन और एसएसबी की हुई संयुक्त बैठक में नेपाल बॉर्डर पर तस्करी रोकने को एक्शन मोड में प्रशासन ने जन जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए,सीमा पर एसएसबी, पुलिस और कस्टम के बीच बेहतर समन्वय के साथ नियमित सूचना साझा करने पर भी सहमति बनी, ताकि किसी भी तस्करी नेटवर्क को पनपने का अवसर न मिले।बैठक के दौरान सीमा क्षेत्र में गश्त, चेकिंग और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े सभी संवेदनशील मार्गों और आवागमन के प्रमुख बिंदुओं पर विशेष नजर रखी जाएगी। अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों का सत्यापन कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर भी बैठक में गंभीरता से चर्चा हुई और रोकथाम के उपाय के साथ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।इस दौरान क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौर्यान, क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक कुमार द्विवेदी आदि शामिल रहे।

