गोरखपुर सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के परिचय समारोह में बोले सीएम योगी, अधिवक्ताओं के कैशलेस इलाज पर सकारात्मक निर्णय जल्द
भारत की आर्थिक प्रगति रोकने के लिए इंटरनेट मीडिया पर देशविरोधी ताकतों द्वारा रचा जा रहा षड्यंत्र- सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी ने भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत का उल्लेख करते हुए विश्वास जताया कि! भारत जल्द ही वाटम 5 से टाप-3 देशों में बना लेगा अपनी जगह
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इंटरनेट मीडिया के दुरुपयोग पर चिंता जताई। किसान आंदोलन से लेकर जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख किए बिना अफवाहों के अनियंत्रित प्रवाह की ओर भी इशारा किया। इस बात की आशंका जताई कि जैसे-जैसे भारत दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं की ओर बढ़ेगा, विरोधी ताकतें देश को अस्थिर करने का षड्यंत्र रचेंगी। जाति, भाषा और क्षेत्र के नाम पर समाज को बांटने का काम करेंगी। न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका जैसी संस्थाओं पर अविश्वास पैदा करने की कोशिश होगी। और इनका सबसे बड़ा हथियार इंटरनेट मीडिया बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में अधिवक्ताओं की भूमिका संविधान के सजगह प्रहरी और समाज के जागरूक मार्गदर्शक के रूप में महत्वपूर्ण होगी।
गोरखपुर सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन की नवगठित कार्यकारिणी के परिचय समारोह को संबोधित कर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत का उल्लेख करते हुए विश्वास जताया कि भारत जल्द ही वाटम 5 से टाप-3 देशों में अपनी जगह बना लेगा। अमेरिका और चीन के बाद अपना देश सबसे ताकतवर होगा, लेकिन यह तभी संभव होगा जब देश को अस्थिर करने वाली विरोधी ताकतों के षड्यंत्र को हम रोक पाएंगे। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि पिछले 12 वर्षों में भारत की छवि पूरी तरह बदली है। 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं, करोड़ों परिवारों को आवास,शौचालय, उज्ज्वला, जनधन खाते, मुफ्त राशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ मिला है। कोविड काल में भारत ने मात्र नौ माह में स्वदेशी वैक्सीन बनाकर न केवल 140 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा की, बल्कि 100 देशों तक वैक्सीन पहुंचाई।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बदलती तस्वीर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश की पहचान अपराध, दंगों और कर्फ्यू से होती थी, लेकिन आज कानून का राज स्थापित हुआ है। जहां पहले कट्टा और बम बनते थे, वहीं आज ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कारिडोर प्रदेश को रक्षा उत्पादन का बड़ा केंद्र बना रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं को समाज का सजग प्रहरी बताया। कहा कि, अधिवक्ता केवल मुकदमे नहीं लड़ते, बल्कि आम नागरिक और न्यायपालिका के बीच विश्वास की सबसे मजबूत कड़ी होते हैं। न्याय की गुणवत्ता, सुलभता और समयबद्धता सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका निर्णायक है। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू होने के बाद न्याय व्यवस्था अधिक प्रभावी हुई है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज प्रदेश में दो से बढ़ाकर 12 फोरेंसिक लैब स्थापित की गई हैं, छह और निर्माणाधीन हैं। प्रत्येक जिले में दो मोबाइल फोरेंसिक वैन तथा मंडल स्तर पर फोरेंसिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इंटरआपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के माध्यम से ई-कोर्ट, ई-प्रासिक्यूशन, ई-फोरेंसिक और ई-प्रिजन को भी एकीकृत किया जा रहा है। गोरखपुर सिविल कोर्ट की 130 वर्ष से अधिक पुरानी गौरवशाली विरासत पर प्रकाश डालते हुए सीएम योगी ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने तक इस बार एसोसिएशन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने अधिवक्ताओं से इस विरासत को आगे बढ़ाने और संविधान के उच्च आदर्शों की रक्षा करने का आह्वान किया।
गोरखपुर सिविल बार एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ताओं के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीर है और बार एसोसिएशन के साथ जल्द बैठक कर व्यवस्था लागू करने की दिशा में कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिवक्ताओं को यह सुविधा मिलनी चाहिए और सरकार इसे जल्द अमल में लाने के लिए आवश्यक तंत्र विकसित करेगी। साथ ही उन्होंने अधिवक्ता कल्याण निधि, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, फीस वृद्धि, अधिवक्ता भवनों और आधुनिक न्यायिक सुविधाओं के लिए सरकार द्वारा किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया।उन्होंने कहा- संविधान के सजग प्रहरी के रूप में अधिवक्ताओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है।सोर्स विज्ञप्ति।

