Thu. Aug 6th, 2026

बीएचयू में युवाओं में शराब के दुष्प्रभावों की रोकथाम पर कार्यशाला का आयोजन किया गया

बीएचयू में युवाओं में शराब के दुष्प्रभावों की रोकथाम पर कार्यशाला का आयोजन किया गया

खुर्शीद आलम की रिपोर्ट…

वाराणसी। बीएचयू के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में बुधवार को युवाओं में शराब के दुष्प्रभावों की रोकथाम, सजगता और संरक्षण विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन कंज्यूमर वॉयस, कंज्यूमर गिल्ड और पत्रकारिता विभाग की तरफ से किया गया।

कार्यशाला के मुख्य अतिथि कुलसचिव राजन श्रीवास्तव ने युवाओं से स्वस्थ और संयमित जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाना केवल परिवार या सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है।

विशिष्ट अतिथि प्रो. भुवाल राम ने कहा कि शराब का सेवन युवाओं के स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, पारिवारिक जीवन और सामाजिक उत्तरदायित्व पर गंभीर असर डालता है। उन्होंने तनाव प्रबंधन के लिए खेल, योग और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने तथा नशे के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. ज्ञानप्रकाश मिश्र ने कहा कि विकसित भारत के लिए युवाओं को शराब छोड़नी होगी। इस तरह की कार्यशालाएं युवाओं को सामाजिक उत्तरदायित्व का बोध कराती हैं और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करती हैं।

कंज्यूमर वॉयस की नीलांजना बोस ने विश्वविद्यालय के युवाओं के बीच रिस्पॉन्सिबल ड्रिंकिंग की संस्कृति को बढ़ावा देने और शराब से होने वाले नुकसान को कम करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

वहीं कानूनी विशेषज्ञ अभिषेक श्रीवास्तव ने नशे में गाड़ी चलाने के सड़क सुरक्षा जोखिमों, विधिक (कानूनी) प्रभावों और युवाओं को जिम्मेदार निर्णय लेने के लिए जागरूक किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शराब सेवन से सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना, सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और छात्रों को जागरूक करना था।

इस अवसर पर प्रो0.शोभना नेरलीकर, डॉ. संजीव सराफ, डॉ. नेहा पांडेय, चन्द्रशेखर मिश्र, डॉ. पल्लवी पांडेय, डॉ. शरद शशांक, निधि, सोनल, अंकित पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी और छात्र उपस्थित रहे।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *