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पूर्व डीजीपी बृजलाल ने अखिलेश यादव को दी नसीहत! देश संविधान और संविधान के अंतर्गत बने कानूनों से चलता है, “शरिया” से नहीं

दिल्ली: 16 सितंबर 2026

पूर्व डीजीपी बृजलाल ने अखिलेश यादव को दी नसीहत! देश संविधान और संविधान के अंतर्गत बने कानूनों से चलता है, “शरिया” से नहीं

पूर्व डीजीपी एवं राज्यसभा सांसद बृजलाल ने देश में “UCC” (यूनिफार्म सिविल कोड) लागू करने के लिए गृहमंत्री अमित शाह को दी बधाई

पूर्व डीजीपी एवं राज्यसभा सांसद बृजलाल ने कहा कि देश में “UCC” ( यूनिफार्म सिविल कोड) लागू करने के लिए मैं भारत के गृहमंत्री अमित शाह को बधाई और साधुवाद देता हूँ। यूनिफार्म सिविल कोड देश के समस्त नागरिकों के विवाह,तलाक, उत्तराधिकार जैसे मामलों में समान अधिकार देता हूँ। उन्होंने कहा कि यह क़ानून नागरिकों को लैंगिक समानता, धर्मनिरपेक्षता, राष्ट्रीय एकता,को को बढ़ावा देता है और पर्शनल लॉ की जटिलताओं से जटिलताओं से मुक्ति दिलाता है,देश संविधान और संविधान के अंतर्गत बने कानूनों से चलता है, “शरिया” से नहीं।

पूर्व डीजीपी एवं राज्यसभा सांसद ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने इस कल्याणकारी क़ानून को “अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पीरेसी” कहा है जो अति बेहद निंदनीय है।अखिलेश यादव एवं इनकी पार्टी “ओ सी सी”(ओपन कम्युनल कांस्पीरेसी) करती है, वह भी खुलेआम। आप की पार्टी और आपके द्वारा जो खुलेआम “ओपन कम्युनल कांस्पीरेसी”की है, उसके कुछ उदाहरण है। सरकार बनते ही आप की प्राथमिकता में केवल मुस्लिम बेटियों को रुपए 30,000/ तीस हज़ार का अनुदान दिया, हिंदू बेटियों की कोई परवाह नहीं। क्या केवल मुस्लिम बेटियाँ ही आप की बेटियां है।आप ने “पी डी ए” के अंतर्गत आने वाली, पिछड़े, दलित और “पीडी-पंडित” बेटियों की याद नहीं आई।यह है आप की ओसीसी ( ओपन कम्युनल कांस्पीरेसी)

पूर्व डीजीपी एवं राज्यसभा सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री बनते ही आप की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में था कि आतंकवादियों के मुकदमें वापस लेना। आप ने 22-1-2013,5-3-2013,15-4-2013 और 18-4-2013 को आतंकियों के 14 मुकदमें वापस लिए थे। इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति आर के अग्रवाल और न्यायमूर्ति आर एस आर मौर्या जी के बेंच ने आप की सरकार के ख़िलाफ़ निर्णय दिया-“आज आप आतंकियों को रिहा कर रहे है,कल उन्हें पद्मविभूषण दे देंगे।” आप मुकदमे वापस नहीं करवा पाये जिसमें 2 पाकिस्तानी आतंकी इमरान शहज़ाद और मोहम्मद फ़ारूख़ भी थे, हाफ़िज़ सईद का इंडिया कमांडर शबाउद्दीन भी था। आतंकियों को फाँसी से लेकर आजन्म कारावास की सजा मिली। इसे क्या कहेंगे? ओपन कम्युनल कांस्पीरेसी, देशद्रोह।

पूर्व डीजीपी ने अखिलेश सरकार पर आरोप लगाया कि आपने सत्ता में आने के बाद मुस्लिम कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवल के लिए खजाना खोल दिया, हिंदुओं, क्रिश्चियन, पारसी कब्रगाहों की याद नहीं आई। आप के इस निर्णय से ग्राम समाज और सरकारी ज़मीने कब्जा कर लिया गया। अब सरकारी जमीने वापस ली जा रही है, तो आप को तकलीफ़ हो रहा है। यह है “ओपन कम्युनल कांस्पीरेसी” 4-6 जुलाई 2011 को मुरादाबाद के मैनाठेर में एक मुस्लिम बेटी के साथ एक मुस्लिम ने बलात्कार का प्रयास किया, पुलिस ने तत्परता से गिरफ्तारी का प्रयास किया, घर पर रेड किया तो कुरान के साथ बेअदबी का आरोप लगाकर थाना, चौकी फूंक दिया, हथियार लूट लिए और पुलिस/पीएसी की गाड़ियों में आग लगा दिया गया।

जब तात्कालिक डीआईजी अशोक कुमार सिंह स्थिति को नियंत्रण के लिए पहुंचे तो मुसलमानों ने उन पर जानलेवा हमला किया, उन्हें और उनके पीआरओ को मरा समझ कर छोड़ा। मुकदमे में चार्जशीट लगी जिसको आप ने सत्ता में आते ही वापस लिया,आपके नजर में एक सीनियर आईपीएस अधिकारी और उपनिरीक्षक के जान की कोई कीमत नहीं। उन्होंने अखिलेश यादव से कहा कि! न्यायालय ने आपके “ओपन कम्युनल कांस्पीरेसी” को विफल कर दिया। 14 वर्ष बाद आपने 16 प्रिय दंगाइयों को आजन्म कारावास की सजा दे दी।पूर्व डीजीपी ने कहा कि आपके कार्यकाल के दौरान में पीएसी की 46 कंपनियां और उत्तरप्रदेश की “एटीएस” को निष्क्रिय कर दिया क्योंकि पीएसी से आप के एक वर्ग के लोगो को नफ़रत है और “एटीएस” आतंकियों को गिरफ्तार करती है। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएसी की कंपनियों में न केवल भर्ती की अपितु 3 नई महिला पीएसी बटालियन बना दी। पूर्व डीजीपी ने अखिलेश यादव को याद दिलाया कि आपके “ओसीसी” को विफल कर दी गई।उन्होंने आरोप लगाया कि आपने हमारे और 38 पुलिसजनों पर आतंकी खालिद मुजाहिद की स्वाभाविक मौत पर हत्या का फर्जी मुकदमा कायम करके “ओपन कम्युनल कांस्पीरेसी” का खेल खेला जो योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सत्ता में आते ही विफल कर दिया: पूर्व डीजीपी एवं राज्यसभा सांसद बृजलाल।

Brij Lal IPS Retd,Member of Parliament (Rajya Sabha) Dated Lucknow date: 16 September 2026.

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