विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में स्वयंसेवी संस्थाओं अहम भूमिका- सीडीओ
निज संवाददाता,सिद्धार्थनगर। जिले में विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया। विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की अध्यक्षता और पिरामल फाउंडेशन के सहयोग से जिला स्तरीय सीख एवं अनुभव साझा कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें जिले में कार्यरत करीब 40 गैर-सरकारी संस्थाओं के अध्यक्ष, सचिव और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यशाला में विभिन्न संस्थाओं की ओर से किए जा रहे विकास कार्यों, नवाचारों और सफल प्रयासों को साझा किया गया। साथ ही जिला प्रशासन और गैर-सरकारी संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर चर्चा हुई। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन में स्वयंसेवी संस्थाओं की भूमिका बताई।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि पिरामल फाउंडेशन के सहयोग से पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से समुदाय स्तर पर पेंशन योजनाओं से वंचित पात्र लाभार्थियों को चिह्नित कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करने की अपील की।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने संकल्प सेवा अभियान के उद्देश्य और कार्ययोजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्वयंसेवी संगठन विभिन्न विकासात्मक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी कर उनकी जानकारी मेरा भारत पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। इससे युवाओं और समुदाय की सहभागिता बढ़ाने के साथ विकास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।कार्यशाला में स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपने संस्थानों की ओर से संचालित गतिविधियों, अनुभवों और नवाचारों को साझा किया। उन्होंने भविष्य में जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने के लिए सुझाव भी दिए।

