‘मीरजापुर दर्शन इन लखनऊ’ तस्वीरों में दिखा मीरजापुर की प्राकृतिक सौंदर्य की पहचान
प्रदर्शनी का उद्घाटन प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने किया
लखनऊ से News17 India Buro coordinator राजकुमार मिश्र की रिपोर्ट…
लखनऊ: संसद भवन में बिछी मीरजापुर-भदोही की कालीन से लेकर विंध्य की पहाड़ियों और झरनों तक, मीरजापुर की पहचान मनोरंजन जगत में दिखाई गई छवि से कहीं व्यापक है।इसी विरासत और प्राकृतिक सुंदरता को सामने लाने के उद्देश्य से उठो इंडिया जागो फाउंडेशन ने ‘मीरजापुर दर्शन इन लखनऊ’ की पहल की है। शनिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुरू हुई दो दिवसीय फोटोग्राफी। प्रदर्शनी का उद्घाटन प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने किया।
संस्था के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक कपूर की पहल पर आयोजित प्रदर्शनी में जिले की ऐतिहासिक धरोहरों, पर्यटन स्थलों और पारंपरिक उद्योगों को तस्वीरों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। कालीन से जीवाश्म पार्क तक विरासत प्रदर्शनी में मीरजापुर के कालीन, पीतल के बर्तन, चुनार की पाटरी और अहरौरा के लकड़ी के खिलौनों के साथ बेलन घाटी, ओझला पुल और ड्रमंडगंज घाटी को प्रदर्शित किया गया है। सोनभद्र के सलखन जीवाश्म पार्क की भूवैज्ञानिक विरासत भी आकर्षण का केंद्र है।
ऐतिहासिक विरासत और हस्तशिल्प को मिला मंच, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उठो इंडिया जागो फाउंडेशन द्वारा मीरजापुर दर्शन विषय पर लगी प्रदर्शनी में देवी मां विंध्यवासिनी के चित्र के पास जूते उतार कर दर्शन करते अल्पसंख्यक राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी हृदेश चंदेल।
वेब सीरीज की छवि से इतर दिखा प्राकृतिक सौंदर्य। 60 झरनों को पहचान दिलाने की पहलः आयोजकों के अनुसार, मिर्जापुर के तीन क्षेत्रों में मानसून के दौरान करीब 60 झरने बहते हैं। ऐतिहासिक इमारतें, नक्काशीदार कुएं और घाट भी इसकी विशेषताएं हैं। आयोजकों ने इनके प्रचार-प्रसार और पर्यटन विकास पर अधिक ध्यान देने की जरूरत बताई। मीरजापुर से शुरू हुए इस अभियान को वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, भदोही और अन्य जिलों तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने डाक्यूमेंट्री और लघु फिल्मों के निर्माण में प्रदेश सरकार की ओर से सहयोग का भरोसा दिया।


