अमेरिका में डॉ. कुमार विश्वास का सम्मान, हिंदी साहित्य और भारतीय संस्कृति के वैश्विक योगदान को मिली पहचान
नई दिल्ली। भारतीय संस्कृति, हिंदी साहित्य और रामकथा को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के प्रयासों के लिए प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास को अमेरिका की कैलिफोर्निया असेंबली ने सम्मानित किया है। उन्हें ‘सर्टिफिकेट ऑफ रिकॉग्निशन’ प्रदान कर उनके साहित्यिक और सांस्कृतिक योगदान की सराहना की गई है। कैलिफोर्निया स्टेट लेजिस्लेचर के सदस्य और न्यायिक समिति के अध्यक्ष ऐश कालरा ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
सम्मान-पत्र में डॉ. कुमार विश्वास की कविताओं और रामायण के प्रसंगों के माध्यम से भारतीय संस्कृति को दुनिया भर के लोगों तक पहुंचाने के प्रयासों का उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही भारतीय विरासत के संरक्षण और दक्षिण एशियाई भाषाओं की साहित्यिक समृद्धि को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने में उनके योगदान को भी सराहा गया है।
डॉ. कुमार विश्वास इन दिनों अमेरिका में अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘अपने-अपने राम’ के माध्यम से रामकथा प्रस्तुत कर रहे हैं। शिकागो, न्यू जर्सी और सैन फ्रांसिस्को में आयोजित कार्यक्रमों में भारतीय समुदाय के लोगों के अलावा अमेरिकी और अन्य विदेशी श्रोताओं ने भी भाग लिया। अब डलास में उनका अगला रामकथा कार्यक्रम होगा।
इन आयोजनों की विशेषता यह है कि भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों को जानने के लिए भारतीयों के साथ विदेशी श्रोता भी पहुंच रहे हैं। डॉ. कुमार विश्वास रामायण के प्रसंगों को वर्तमान जीवन से जोड़कर प्रस्तुत कर रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी भी भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ रही है। डॉ. कुमार विश्वास मेगा बजट फिल्म ‘रामायण’ के गीतों के बोल लिखने के कारण भी चर्चा में हैं। फिल्म के गाने रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं। गीतों की भाषा, भाव और शब्दों को श्रोताओं की सराहना मिल रही है।

