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उत्तर प्रदेश सिंचित क्षेत्र के विस्तार के मामले में देश में प्रथम स्थान पर

लखनऊ: 09 अप्रैल, 2026

उत्तर प्रदेश सिंचित क्षेत्र के विस्तार के मामले में देश में प्रथम स्थान पर

लखनऊ: प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश का सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग किसानों को फसलों की सिंचाई हेतु भरपूर पानी मुहैया करा रहा है। नहरे प्रदेश के कृषि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए नहरें अमूल्य निधि है। फसलों की सिंचाई के संसाधनों में नहरों से सिंचाई को सबसे अच्छा साधन माना गया है। नहर प्रणाली से कई लाभ होते हैं। नहरों के पानी से धरती में वाटर रिचार्ज होता रहता है। पशु-पक्षियों, वन्य जीवों को पीने का पानी मिलता रहता है। नहरों के किनारे वृक्षारोपण कर वनाच्छादन बढ़ाया जाता है। मछली व अन्य जलीय जीवों की संख्या में वृद्धि होती है। तालाब, पोखरों में पानी भरा जाता है। किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलता है। इसीलिए विभिन्न लाभों को दृष्टिगत रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने नहरों के सुधार, निर्माण सहित वांछित जल भण्डारण हेतु बांधों के निर्माण पर विशेष बल दिया है।

उत्तर प्रदेश का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 241.17 लाख हेक्टे0 है। जिसमें कुल कृषि योग्य क्षेत्रफल 188.40 लाख हेक्टे0 है। रबी, खरीफ एवं जायद फसलों को मिलाकर प्रदेश का बोया गया क्षेत्रफल 268.162 लाख हेक्टे0 होता है। किसानों को सिंचाई के लिए प्रदेश में 76527 किमी0 लम्बी नहर प्रणालियों एवं 36094 राजकीय नलकूपों, 30 पम्प नहरों, 257 लघु डाल नहरों एवं 71 जलाशयों से लाखों हेक्टे0 क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। प्रदेश में ऊपरी गंगा नहर, पूर्वी गंगा नहर, निचली गंगा नहर, मध्यगंगा नहर, शारदा नहर, गण्डक नहर, शारदा सहायक नहर, अपर यमुना नहर, सरयू नहर, बेतवा नहर, अपर आगरा नहर प्रमुख नहर प्रणालियाँ हैं। सिंचाई साधनों में उत्तरोत्तर वृद्धि हेतु प्राकृतिक जल संसाधनों का उपयोग कर वृहद, मध्यम एवं लघु सिंचाई परियोजनाओं के सृजन एवं निर्माण हेतु प्रदेश सरकार निरन्तर प्रयासरत है।

वर्तमान सरकार के पूर्व 2016-17 तक प्रतिवर्ष उपलब्ध होने वाली अल्प धनराशि से मात्र लगभग 30,000 किमी0 नहरों की सिल्ट सफाई ही हो पाती थी। किन्तु वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 50 हजार से 53 हजार कि0मी0 की नहरों की सिल्ट सफाई प्रतिवर्ष की जा रही है, जो कि अब तक का रिकार्ड है। नहरों की सिल्ट सफाई अभियान चलाकर सुनिश्चित करते हुए टेल तक पानी पहुँचाया गया। सरकार के इस कार्य से किसानों द्वारा प्रशंसा की गई है।

प्रदेश में वर्ष 2016-17 में सिंचाई विभाग द्वारा प्रदेश के कुल 82.58 लाख हेक्टे0 क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई थी, जिसे बढ़ाकर वर्तमान में 105 लाख हेक्टे0 तक पहुंचाया गया। निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं के पूर्ण होने पर प्रदेश में 52.13 लाख हेक्टे0 भूमि की अतिरिक्त सिंचन क्षमता में वृद्धि हुई है और इस वृद्धि से प्रदेश के 241.29 लाख कृषक लाभान्वित हुए हैं। वर्तमान सरकार द्वारा प्रदेश में नहरों पर बने पुल-पुलियों का जीर्णाेद्धार, पुर्ननिर्माण व नवनिर्माण कराया है। प्रदेश में स्थित नालों/ ड्रेन्स की सफाई वर्तमान सरकार द्वारा लगभग छः गुना धनराशि की व्यवस्था कर ड्रेनों की सफाई कराई है।किसानों की हितैषी वर्तमान सरकार ने गत 09 वर्षों में वृहद मध्यम एवं लघु सिंचाई परियोजनाओं के पूर्ण करने विस्मार नहरों के पुनर्जीवित करने, नहरों के गैपों को भरते हुए सिल्ट सफाई, नवीन नलकूपों के निर्माण, असफल राजकीय नलकूपों के पुनर्निर्माण एवं आधुनिकीकरण तथा पंप नहरों के निर्माण जैसे व्यापक प्रयासों से नहरों की टेल फीडिंग क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सिंचित क्षेत्र के विस्तार के दृष्टिगत उ0प्र0 देश में प्रथम स्थान पर है।

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