कैसरबाग से नैमिषारण्य वाया चंद्रिका देवी मंदिर चलेंगी बसें!
नैमिषारण्य वाया चंद्रिका देवी मंदिर के लिए जल्द ही शुरू करेगा बस सेवा,धार्मिक स्थलों तक बस संचालन के लिए परिवहन विभाग करा रहा सर्वे
लखनऊ : मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ के प्रभावी नेतृत्व में प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं का भी निरंतर विस्तार हो रहा है। इसी क्रम में नैमिषारण्य धाम और लखनऊ के चंद्रिका देवी मंदिर के बीच बस सेवा शुरू होने से श्रद्धालुओं का आवागमन और अधिक सुगम होगा। परिवहन निगम द्वारा दोनों धार्मिक स्थलों को जोड़ने के लिए नए मार्ग का सर्वे कराया जा रहा है। लखनऊ के कैसरबाग बस स्टेशन से नैमिषारण्य वाया चंद्रिका देवी मंदिर तक बस संचालन की तैयारी है। इस सुविधा से श्रद्धालुओं को सीधे और सुविधाजनक परिवहन की सुविधा मिलेगी।
इसके लिए परिवहन निगम नैमिषारण्य वाया चंद्रिका देवी मंदिर के लिए जल्द ही बस सेवा शुरू करेगा। अभी रोडवेज की बसें दोनों धार्मिक स्थलों के लिए अलग-अलग जाती रही हैं। अब एक बस दोनों स्थानों तक पहुंचेगी, जिससे भक्तों को आसानी होगी। राजधानी में पहली बार रोडवेज प्रशासन धार्मिक स्थलों के बीच मिनी बसों की सेवा शुरू करने की तैयारी में है। क्षेत्रीय प्रबंधक ने धार्मिक स्थलों के बीच बस संचालन के लिए मार्ग का सर्वे करने का आदेश दिया है। क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन बताया कि लखनऊ से नैमिषारण्य वाया चंद्रिका देवी रूट को चिह्नित किया गया है। कैसरबाग बस स्टेशन से बख्शी का तालाब स्थित चंद्रिका देवी मंदिर के निकट गोमती पुल होते हुए माल, भरावन, अतरौली, हत्याहरण तीर्थ होते हुए नैमिषारण्य स्थित ललिता देवी धाम तक नए रूट का सर्वे होगा। कैसरबाग के एआरएम को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है, सर्वे रिपोर्ट के बाद किलोमीटर के आधार पर किराया तय करते हुए यात्रियों की उपलब्धता के आधार पर बसों की समय सारणी तय की जाएगी।
इस माह के अंतिम सप्ताह तक बसों का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन ने बताया कि 22 जुलाई को ई-मेल के माध्यम से प्रार्थना पत्र मिला था। पत्र में ही नए रूट का उल्लेख है, क्योंकि लखनऊ से सिधौली और लखनऊ से संडीला, बेनीगंज मार्ग की अपेक्षा चंद्रिका देवी मंदिर वाया नैमिषारण्य की दूरी काफी कम है और यात्रियों की उपलब्धता भी अधिक रहती है। पत्र में लिखा कि लखनऊ से बख्शी का तालाब स्थित मां चंद्रिका देवी और नैमिषारण्य स्थित मां ललिता देवी तक सीधे वाहन की सुविधा न होने के कारण आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

