Thu. Aug 6th, 2026

चुनावी साल में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए योगी सरकार का वित्त वर्ष 2026-27 का पहला अनपुरक बजट

चुनावी साल में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए योगी सरकार का वित्त वर्ष 2026-27 का पहला अनपुरक बजट

लखनऊ। चुनावी साल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार विकास को राह पर मजबूती से बढ़ती दिखाई दे रही है। योगी सरकार ने मंगलवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में वित्त वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया। विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने 59.019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट रखा। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा, 41,620 करोड़ रुपये बुनियादी ढांचे के विकास के लिए आवंटित किया गया है। मनरेगा की जगह लाई गई ‘बीबी-जी.राम.जी योजना के लिए भी सरकार ने 13,768 करोड़ रुपये का इंतजाम किया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित अनुपूरक चजट का आकार 59,019.54 करोड़ रुपये है, जिसमें राजस्व लेखे पर 17,399.50 करोड़ और पूंजी लेखे का व्यय 41,620.04 करोड़ है। इस अनुपूरक बजट का आकार मूल चजट का 6.47 प्रतिशत है। अनुपूरक में 7854.25 करोड़ को नई मांगें हैं। अनुपूरक मांगों के इस आकार में 11,240.97 लाख राज्य सरकार को केंद्रांश के तौर पर मिलेंगे। वित्तीय वर्ष 2026-2027 का मूल बजट 9,12.696.35 करोड़ रुपये है।

परियोजनाएं पूरी करने को सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध: विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच रखे गए अनुपूरक बजट में सरकार ने चल रहीं परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने की प्रतिबद्धता दिखाई है। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए खजाना खोला है। ₹59,019.54 करोड़ कुल अनुपूरक बजट। ₹41,620 करोड़ पूंजीगत व्यय। ₹11,240.97 करोड़ केंद्र से सहायता। कैबिनेट में फैसला लिया गया है कि तनख्वाह का 50 फीसदी मूल वेतन होगा।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा लाखों कामगारों और सेवायोजकों के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश मजदुरी संहिता नियमावली-2026 को मंजूरी मिल गई। इसके लागू होने के बाद अब किसी भी पात्र कर्मचारी को न्यूनतम मजदूरी से कम वेतन नहीं दिया जा सकेगा, चाहे वह किसी भी क्षेत्र, प्रतिष्ठान या नियोजन में कार्यरत हो। संहिता में प्रावधान किया गया है कि सामाजिक सुरक्षा योजना में अधिक लाम मिलेगा।नई नियमावली के हिसाब से भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा और ग्रेच्यूटी जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में कर्मचारियों को अधिक लाभ मिलेगा। समान कार्य के लिए समान वेतन, सेवा समाप्ति के दो दिन मैं बकाया भुगतान अनिवार्य होगा।

खत्म होंगी कामिल फाजिल की डिग्रियां: मदरसा शिक्षा परिषद से कामिल और फाजिल की डिग्रिया खत्म होगी। कैबिनेट की बैठक में यूपी मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम- 2004 में पहला सशोधन किए जाने को मंजूरी दे दी गई है।मूल वेतन का कम से कम 50 प्रतिशत मूल वेतन होगा।श्रोत विज्ञप्ति।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *