लखनऊ: 19 नवंबर 2025
प्रदेश अध्यक्ष के के पांडे ने ग्रामीण अंचल में आ रही बिजली बिल की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री उ0प्र0 को लिखा पत्र
प्रदेश अध्यक्ष ग्राम प्रधान संगठन कौशल किशोर पांडे ने “मुख्य मंत्री” उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ को पत्र लिखकर मांग किया है कि ग्रामीण क्षेत्र में विजली के बिल की एकमुस्त धनराशि प्रति माह प्रति कनेक्शन तय करने हेतु विनम्र निवेदन है कि कृपया उपरोक्त विषयक मेरे पूर्व अनुरोध पत्रों का संदर्भ ग्रहण करने की कृपा करे, उन्होंने निवेदन किया कि “मानव मात्र’ के लिये अब विजली, ऑक्सीजन, चिकित्सा समतुल्य आवश्यकता हो गयी है,यह तीनो मानव की जीवन रेखा है। कृपया विद्युत व्यवस्था को भी चिकित्सा एवं स्वास्थ के बराबर रखने की कृपा करे,निगम व्यवस्था को जनहित के दृष्टिगत समाप्त किया जाये।
प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडे ग्राम प्रधान संगठन ने आग्रह किया है कि यह पत्र मुख्य मंत्री के समक्ष प्रस्तुत करने की कृपा करें,क्योकि आईजीआरएस प्रणाली से निस्तारण का कोई मतलब नहीं होता! क्योंकि यह जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न है। वर्तमान के लोकप्रिय सरकार के सम्मान का प्रश्न है। इसलिये कृपया इस पत्र को मुख्य मंत्री के समक्ष प्रस्तुत करने का कष्ट करें।
कृपया संज्ञान लेने की कृपा करें कि ग्रामीण क्षेत्रो में विजली के विल अनाप-शनाप आते है,अपको बता दें कि जब भी मीटर रीडर आते है? तो 80001/- 10,000/-, 15000/- रुपया बिल निकलता है, जिसका भुगतान करना गरीब ग्रामीण के बस की बात नहीं होती है! ऐसी स्थिति में ग्रामीण विजली दफ्तर के चक्कर काटते है,इसी चक्कर में तब तक विल इतना अधिक हो जाता है। जिससे उनको कुछ न कुछ संपत्ति बेचना पड़ जाता है।ऐसी हालत में “ग्रामीणों” बिजली उपभोक्ता का सरकार के प्रति असन्तोष वढ़ जाता है,जो किसी भी सरकार के भविष्य के लिये अच्छी बात नहीं है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ऐसी स्थिति में संगठन चाहता है कि सरकार की लोकप्रियता बनी रहे! किन्तु वर्तमान विद्युत व्यवस्था एक यक्ष प्रश्न है,स्मार्ट मीटर’ एक डरावना प्रकरण है। कृपया “कार्पोरेशन” समाप्त कर ‘विजली” को विभाग का दर्जा प्रदान करने की कृपा करे। प्रदेश अध्यक्ष ने आग्रह पूर्वक निवेदन किया है कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अंचल के घरेलू कनेक्शनों पर कुल विद्युत व्यय भार का ऑकलन कराने का कष्ट करें तथा उसमें अन्य व्यय भार भी जोड़ने का कवर करे,”कृपया सम्पूर्ण व्यय का समस्त ग्रामीण घरेलू कनेक्शन से प्रति कनेक्शन औसत बिल निर्धारण करने का कष्ट करे!तथा उतना ही विल प्रत्येक ग्रामीण घरेलू कनेक्शन धारक से लेने की कृपा करे!ताकि प्रत्येक ग्रामीण को पता रहे, कि उसे प्रति माह कितना विल जमा करना है! जिससे वह प्रति माह किसी न किसी तरह उतना पैसा जमा करेगा,अचानक से रुपया 8000/- का बिल का भुगतान जमा करना ग्रामीण के बस की वात नहीं है। ऐसी स्थिति में यही शोषण का कारण बन जाती है,जिससे सरकार की छवि खराब होती है!जो प्रदेश सरकार के लिए जनहित में अच्छी बात नहीं है!
प्रदेश अध्यक्ष ग्राम प्रधान संगठन कौशल किशोर पांडे ने सरकार से विनम्र निवेदन किया है कि इस पर गंभीरता पूर्वक विचार कर प्रति माह निर्धारित “एक मुश्त विल व्यवस्था” लागू कराने की कृपा करे,तथा इससे पहले के समस्त ग्रामीण घरेलू कनेक्शन विल माफ करने की कृपा करने का कष्ट करें.
कृपया कृत कार्यवाही से संगठन को भी अवगत कराने की कृपा करे।
(कौशल किशोर पान्डेय) प्रदेश अध्यक्ष,ग्राम प्रधान संगठन

