मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ किया ‘पुलिस मंथन’ सम्मेलन का शुभारंभ
चेन स्नैचिंग जैसे अपराधों पर भी कड़े एक्शन से दें बड़ा संदेश- मुख्यमंत्री
सीएम योगी ने थाना प्रबंधन को बताया पुलिसिंग की रीढ़ प्रभारियों की तैनाती सिर्फ मेरिट पर हो
लखनऊः पुलिस मुख्यालय पर शनिवार से शुरू हुए दो दिन ‘पुलिस मंथन’ का शुभारंभ करने के साथ पहले दिन सभी सात सत्रों में उपस्थित रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से कहा कि चेन स्नैचिंग, लूट, महिलाओं के खिलाफ अपराध से जनता में असुरक्षा का भाव पैदा होता है। आए दिन होने वाले ऐसे अपराधों पर भी पुलिस त्वरित एक्शन और कड़ी कारवाई कर बड़ा संदेश दे सकती है। इसी से लोगों की धारणा में बदलाव आएगा। थाना प्रबंधन को पुलिसिंग की रीढ़ मानते हुए उन्होंने साफ किया कि प्रभारियों की तैनाती सिर्फ मेरिट के आधार पर की जाए। अनावश्यक राजनीतिक हस्तक्षेप को सिरे से खारिज करने के लिए कहा,उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था आवश्यकतानुसार दें, न कि स्टेटस सिंबल के रूप में।
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के इस सम्मेलन में कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस का माडल देश-दुनिया में सराहा जा रहा है, तकनीकी दक्षता और विश्वस्तरीय ट्रेनिंग, संवेदनशील और जवाबदेह पुलिस से अपराधी कांप रहे हैं और जनता का विश्वास पुलिस और कानून व्यवस्था पर बढ़ता जा रहा है। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर तैनात चौकीदारों को पुलिस बीट व्यवस्था से प्रभावी रूप से जोड़कर अपराध नियंत्रण की सीख दी। उन्होंने कहा कि बीट पुलिस के प्रमुख आरक्षी व दारोगा ग्राम स्तर पर प्रभावी जनसंपर्क से आपसी भरोसा बढ़ा सकते हैं। कानून-व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत कर इसे प्रभावी बनाएं।
सीएम योगी ने थाना प्रबंधन को बताया पुलिसिंग की रीढ़।उन्होंने कहा कि प्रभारियों की तैनाती सिर्फ मेरिट पर हो! शनिवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम ‘पुलिस मंथन’ के दौरान यक्ष एप का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने।लोकार्पण किया और कहा कि इसे माडल के रूप में पेश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति की सफलता में पुलिस के अलावा संबंधित विभागों के आपसी समन्वय का भी योगदान है।उन्होंने महिलाओं को आंतरिक व वाह्य दोनों स्तरों पर सुरक्षा देने के लिए कहा। सार्वजनिक स्थलों, बाजारों व कार्यस्थलों पर एंटी रोमियो स्क्वाड और महिला बीट द्वारा सुदृढ़ सुरक्ष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। महिला बीट को स्थानीय स्तर पर नियमित रूप से महिलाओं के साथ संवाद करने व टोल-फ्री सहायता के बारे मेंबीसी सखियों की मदद से करें जागरूक करने को कहा।उन्होंने कहा कि अनावश्यक राजनीतिक हस्तक्षेप करें खारिज! स्टेटस सिंबल के रूप में अधिकारी न दें सुरक्षा व्यवस्था!
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में मात्र चार विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं (एफएसएल) थीं। वर्ष 2017 के बाद आठ नई विधि विज्ञान प्रयोगशालाए स्थापित की गई, जबकि अन्य छह का निर्माण जारी है। मुख्यमंत्री ने साइबर अपराध से बचने के लिए उचित कार्यवाही करने एवं बीसी सखी से से समन्वय कर गांवों में लोगों को जागरूक करने के लिए कहा। उधर, पहले दिन सभी सात सत्रों के दौरान एक-एक वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी ने अपनी टीम के साथ विषय विशेष पर प्रजेंटेशन दिया।सीएम योगी ने कहा कि एआइ से अपराधियों को खोजेगा यक्ष एप।
लखनऊः मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम के दौरान यक्ष एप का लोकार्पण किया,एप के प्रजेंटेशन से पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। यह एप एआइ के जरिए अपराधियों की लोकेशन, उनकी आवाजाही, आवाज व अपराध की प्रकृति समेत सभी पहलुओं का पीछा करेगा। तकनीकी दक्षता की वजह से यह एप संगठित गिरोहों को भी उखाड़ फेंकने में कारगर होगा। एप पर बीट कर्मचारी प्रत्येक अपराधी का सत्यापन करेंगे,7सत्रों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पुलिस मंथन के पहले दिन दिए प्रजेंटेशन नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर महिलाओं को त्वरित सहायता प्रदान करने की हिदायत दी। सीएम योगी ने 50 हजार पुलिसकर्मियों को थानों में तैनात करने,शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग अलग माडल के आधुनिक थाने, पार्किंग, बैरक, पब्लिक सर्विस स्पेस जैसी सुविधाओं को विकसित करने पर जोर दिया। कहा कि बेहतर प्रशिक्षण से पुलिस बल अधिक दक्ष, अनुशासित और जनसंवेदनशील बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस लाइंस को जन-जागरुकता व सामाजिक सहभागिता के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कहा। कारागार में निरुद्ध कुख्यात माफिया व संगठित अपराधियों पर कड़ी निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि न्यायालय में उनकी उपस्थिति वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से सुनिश्चित की जाए।फारेंसिक क्षेत्र में क्षमता वृद्धि के लिए नवनियुक्त पुलिस कार्मिकों को विशेष प्रशिक्षण देने की बात कही। वाराणसी में प्रस्तावित 50 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे सेंटर को फारेंसिक संस्थान से जोड़कर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

