यूपीडा को भेजा गया जिला प्रशासन द्वारा बांसी तहसील क्षेत्र की 823 हेक्टेयर भूमि भूमि का प्रस्ताव
इस परियोजना से सिद्धार्थनगर के साथ बस्ती और संतकबीरनगर के औद्योगिक व व्यावसायिक विकास को मिलेगी नई गति
औद्योगिक गलियारा के विकास हेतु तिलौली के पास प्रस्तावित एक्सप्रेस वे का दो चरणों में होगा विकास
सिद्धार्थनगर। औद्योगिक गलियारा विकसित करने की दिशा में जिले की तैयारी शुरू हो गई है। है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की मांग पर जिला प्रशासन ने बांसी तहसील क्षेत्र की 823 हेक्टेयर भूमि का प्रस्ताव तैयार कर करीब एक सप्ताह पहले शासन को भेज दिया है। प्रस्ताव को दो चरणों में विभाजित किया गया है। फेज-वन में प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के उत्तरी हिस्से की 376.703 हेक्टेयर भूमि शामिल की गई है, जबकि फेज-टू में प्रस्तावित मार्ग के दक्षिणी हिस्से की 445.993 हेक्टेयर भूमि को चिन्हित किया गया है। करीब डेढ़ माह पहले 16 मई को यूपीडा की टीम ने तिलौली के पास एक्सप्रेसवे से सटे लगभग 20 से अधिक गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया था। जांच में भूमि को बाढ़ की दृष्टि से सुरक्षित और औद्योगिक विकास के लिए उपयुक्त पाया गया।
पहले चरण में तेनुई, भैसहिया, तिलौली कटबंध, मस्जिदिया, मनिकौरा नानकार और सेमरहनी सहित कई गांव शामिल हैं। दूसरे चरण में लेहड़ा उर्फ रामनगर, घुमची, कठोलवा, कपिया कला, और तिलौली कटबंध में यूपीडा के अधिकारियों द्वारा यही भूमि देखी गई थी। कपिया खुर्द, पतरसिया और असनहरी समेत अन्य गांव प्रस्तावित हैं। औद्योगिक गलियारे का लाभ केवल सिद्धार्थनगर तक सीमित नहीं रहेगा।इसका भौगोलिक स्थान इसे तीन जिलों के लिए साझा औद्योगिक एवं व्यावसायिक केंद्र बना सकता है। प्रस्तावित स्थल बांसी तहसील मुख्यालय से करीब 15 से 16 गांवों का किया गया था स्थलीय निरीक्षण।
प्रस्तावित भूमि 20 किलोमीटर, बस्ती जिले के तहसील मुख्यालय रुधौली से मात्र चार से पांच किलोमीटर तथा संतकबीरनगर के प्रमुख कस्बा राजेडीहा से लगभग 18 से 19 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऐसे में इन तीनों जिलों के उद्यमियों, किसानों और व्यापारियों को एक बड़ा विपणन मंच मिलने की संभावना है।
इन उत्पादों को मिलेगा बड़ा मंच औद्योगिक गलियारा विकसित होने पर: सिद्धार्थनगर का कालानमक चावल, रामकटोरी तथा अन्य कृषि उत्पाद, बस्ती का सिरका और वुड क्राफ्ट, जबकि संतकबीरनगर के पीतल के बर्तन, काटन होजरी और हथकरघा उत्पादों को नया बाजार मिलेगा। यहां स्थापित होने वाली औद्योगिक एवं व्यावसायिक इकाइयों से स्थानीय रोजगार बढ़ने के साथ परिवहन, गोदाम, होटल, पैकेजिंग और लघु उद्योगों को भी गति मिलेगी। गोरखपुर से शामली तक सफर करने वाले लाखों यात्री भी इस बाजार से सीधे जुड़ सकेंगे।
गौरव श्रीवास्तव अपर जिलाधिकारी ने बताया कि 6यूपीडा के निर्देश पर औद्योगिक गलियारे के लिए 823 हेक्टेयर भूमि का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी,उन्होंने बताया कि इस परियोजना से सिद्धार्थनगर के साथ बस्ती और संतकबीरनगर के औद्योगिक व व्यावसायिक विकास को नई गति मिलेगी।

