राजसभा सांसद बृजलाल ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर पूर्वी उ0प्र0 में खेती की गुणवत्ता सुधारने का किया अनुरोध
पूर्वी उत्तर प्रदेश में ऑर्गेनिक कार्बन एवं जैविक कार्बन की कम हो रही क्षमता पर ध्यान आकृष्ट कराया
सनई-ढैंचा के बीज मार्च या अप्रैल के प्रथम सप्ताह में उपलब्ध कराने का किया अनुरोध
पूर्व डीजीपी एवं राजसभा सांसद बृजलाल ने आज मंत्री “कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय” भारत सरकार शिवराज सिंह चौहान से मुलाक़ात कर उन्हें पत्र सौंपकर पूर्वी उत्तरप्रदेश की ज़मीनों में जैविक-कार्बन बढ़ाने के लिए सनई-ढैंचा के बीज मार्च या अप्रैल के प्रथम सप्ताह में उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
राज्यसभा सांसद बृजलाल ने कहा कि पूर्वी उत्तरप्रदेश की ज़मीनों में ऑर्गेनिक कार्बन(जैविक कार्बन) केवल 0.20 % से 0.30% है जिसका कारण खेतों में गोबर और कम्पोस्ट खाद की कमी है,मिट्टी में जैविक-कार्बन कम से कम 0.5% से होना ही चाहिए।पहले हर घरों में एक जोड़ी बैल अवश्य होता था जो अब विलुप्त हो गए हैं। बंटवारे के कारण परिवार भी छोटे हो गये हैं जिसके कारण गाय-भैंस पालन भी कम हो गया है जिसके कारण गोबर की खाद की उपलब्धता कम हो गई है।
राज्यसभा सांसद ने कृषि मंत्री से बताया कि किसान अंधाधुंध यूरिया-डीएपी रासायनिक खाद डाल रहे हैं जिसके कारण खेतों में जैविक कार्बन और भी कम हो गया है।खेत की उर्वरक क्षमता लगातार कम हो रही है जिसके कारण उत्पादकता पर कुप्रभाव पड़ रहा है और खेती की लागत भी बढ़ रही है,अब इसका एक ही निदान है कि गेंहू की कटाई के बाद सनई या ढैंचा बोया जाय जिससे ज़मीन को हरी खाद उपलब्ध हो सके।धान और गेहू के अवशेषों को जलाने से भी बचना होगा क्योकि इसे जलाने से मिट्टी की उर्वरकता भी कम हो जाती है।
Brij Lal IPS Retd,Ex-DGP UP,Member of Parliament (Rajya Sabha) Dated August 11 October 2026.


