लखनऊ :- गुलाला घाट श्मसान पर नीलकंठेश्वर महादेव को 151 किलो मिलककेक का भोग लगाकर पारंपरिक तरीके से मनाई गई काल भैरव जयन्ती..
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लखनऊ : मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को भगवान शिव ने काल भैरव का रौद्र अवतार लिया था। इसलिए इस दिन को काल भैरव अष्टमी के रूप में मानते हैं। कहते हैं कि भगवान शिव के किसी भी मंदिर में पूजा करने के बाद भैरव मंदिर में जाना अनिवार्य होता है। वरना भगवान शिव का दर्शन अधूरा माना जाता है,इसलिए राजधानी के चौक स्तिथ गुलाला घाट श्मसान पर शनिवार को काल भैरव जयन्ती पारम्परिक तरह से मनाई गई। काल भैरव जयन्ती पर भगवान नीलकंठ माहादेवजी को 151 किलो का मिल्ककेक का भोग स्वरुप मंदिर समिति और भक्तों द्वारा चढ़ाया गया।
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इस अवसर पर पर श्मसानघाट पर विशेष सजावट देखने को मिली,और सभी उपस्थित भक्तों ने पूरी तन्मयता से काल भैरव से भय,अवसाद और महामारी को अंत करने की प्रार्थना की।
