गोरखपुर 04 सितंबर 2025
श्रीमद्भागवत हजारों वर्षों से मुक्ति का माध्यमः सीएम योगी
जीवात्मा को परमात्मा से जोड़ती है श्रीमद्भागवत कथा-सीएम योगी
गोरखपुर: मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण 5000 वर्षों से कोटि-कोटि सनातन धर्मावलंबियों की मुक्ति का माध्यम बना है। श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा से सनातन धर्मावलंबियों ने जीवन की वास्तविकता को खुद समझा है और दुनिया को भी समझाया है। यह ऐसी कथा है, ऐसी ज्ञान परंपरा है जो बिना रुके, बिना झुके हर काल परिस्थिति में निरंतर जारी है।
सीएम योगी में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 56वीं एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 11 वीं पुण्यतिथि समारोह के उपलक्ष्य में गुरुवार अपराह्न श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ के शुभारंभ अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में व्यासपीठ का पूजन करने के बाद कहा कि जीवन के वास्तविक ज्ञान के लिए, अहंकार से मुक्ति के लिए, जीवन की नश्वरता का अनुभव कराने के लिए भागवत पुराण जैसी कथाओं की परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है। जब व्यक्ति निजी स्वार्थ में बुद्धि और विवेक से शून्य हो जाता है तब श्रीमद्भागवत महापुराण जैसी कथाएं उसे पतन से उबारकर उत्थान की तरफ ले जाती हैं।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकली पोथी शोभायात्रा: श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ के शुभारंभ से पूर्व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में मुख्य मंदिर से कथा स्थल तक बैंडबाजे तथा वेदपाठी विद्यार्थियों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महापुराण की पोथी शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर गोरक्षपीठाधीश्वर ने अखंड ज्योति स्थापित की। पोथी प्रतिष्ठा और कथा व्यास के विराजमान होने के बाद सीएम योगी व अन्य ने व्यासपीठ की पूजा की।
गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में निकाली गई महापुराण की पोथी शोभायात्रा में शामिल हुए संत-महंत व अन्य: कथा कहते राम दिनेशाचार्य महाराज व साथ में मौजूद सीएम योगी आदित्यनाथ।
संत-महंत बोले,संत समाज को एकत्रित कर गोरक्षपीठ ने दिखाई सही दिशा: जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी राघवाचार्य महाराज ने कहा कि जब-जब सनातन धर्म पर संकट आया तब-तब गोरक्षपीठ ने सभी संत समाज को एकत्रित कर समाज को सही दिशा दिखाई है। अयोध्या से आए स्वामी अवधेश दास महाराज ने कहा कि मनुष्य को मनुष्य स्वामी राघवाचार्य अवधेशदास महाराज बनाने का संदेश सनातन धर्म देता है। गोरक्षपीठ सनातन धर्म के संवर्धन का कार्य करती चली आ रही है। रामानन्दाचार्य ने कहा अपने आचार्य व गुरुओं के प्रति श्रद्धा रखना हमारी भारतीय परंपरा रही है। इस परंपरा का गोरक्षपीठ ने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
जीवात्मा को परमात्मा से जोड़ती है श्रीमद्भागवत कथा:
श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के पहले दिन कथा व्यास राम दिनेशाचार्य महाराज ने कहा कि मानव जीवन में सिर्फ दो आयाम प्राप्त हो जाय, एक सतगुरु दूसरा किसी ग्रंथ का आश्रय मिल जाय तो जीवन धन्य हो जाता है। भगवान के द्वारा कही गई कथा ही भागवत कथा है, जिसको परम भागवत शुकदेव परीक्षित को सुनाते हैं। उन्होंने कहा कि भागवत कथा मृत्यु को महोत्सव बनाने वाली कथा है। जीवात्मा को परमात्मा से जोड़ने के लिए पद्म पुराण में भागवत कथा के महत्व को बताया गया है। कथा व्यास ने कहा कि कलयुग में काल के गाल से बचाने का सबसे श्रेष्ठ माध्यम है श्रीमद् भागवत कथा।
प्रधान पुजारी समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल: इस अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, ब्रह्मचारी दासलाल महाराज, काशी से आए जगद्गुरु संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा, देवीपाटन के महंत मिथिलेश नाथ, महंत धर्मदास, रामनाथ, राममिलन दास, रामलखन दास, गंगादास, भरतदास, रुद्रनाथ, मुख्य यजमान अवधेश सिंह, अन्य भोलानाथ, मनीष दास, कालीबाड़ी के महंत रविंद्र दास सहित अनेक संत, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, पूर्व विधायक अतुल सिंह, पूर्व महापौर सीताराम जायसवाल, यजमानगण उपस्थित रहे। पूजन कार्य वेदाचार्य डॉ रंगनाथ त्रिपाठी व संचालन डॉ. श्रीभगवान सिंह ने किया।

