सिद्धार्थ विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने 37 मेधावियों को दिए स्वर्ण पदक, 28 पदक पाकर बेटियों ने मारी बाजी
सिद्धार्थनगर के डीएम IAS शिवशरण अप्पा की उत्कृष्ट कार्यशैली का मिला सम्मान,उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने दिया प्रशंसा-पत्र
सिद्धार्थनगर 29 जून 2026/शासन द्वारा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मा0 राज्यपाल/मा0 कुलाधिपति/महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनन्दी बेन पटेल जी द्वारा सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किये गये दशम् दीक्षान्त समारोह में उपस्थित होकर विश्वविद्यालय की गरिमा को बढ़ाकर गौरवान्वित किया गया। कुलाधिपति/महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनन्दी बेन पटेल, मुख्य अतिथि काशी हिन्दू विश्व विद्यालय, वनस्पति विज्ञान प्रो मधुलिका अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि मा0 उच्च शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती रजनी तिवारी, कुलपति प्रो0 कविता शाह तथा द्वारा मां शारदा के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित किया गया तथा दशम् दीक्षान्त समारोह का औपचारिक शुभारम्भ किया गया। कुलपति सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु प्रो0 कविता शाह द्वारा मा0 राज्यपाल/मा0 कुलाधिपति श्रीमती आनन्दी बेन पटेल तथा मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि को पुष्प देकर स्वागत किया गया। दशम् दीक्षान्त समारोह के अवसर पर प्रकाशित उत्कर्ष स्मारिका एवं मासिक पत्रिका कनेक्ट का मा0 राज्यपाल/मा0 कुलाधिपति श्रीमती आनन्दी बेन पटेल तथा मुख्य अतिथि एवं कुलपति प्रो0 कविता शाह द्वारा विमोचन किया गया। इसके पश्चात छात्राओं द्वारा बन्दे मातरम गीत की प्रस्तुति की गयी। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की छात्राओं द्वारा विश्वविद्यालय के कुलगीत प्रस्तुत किया गया गया।
मा0 राज्यपाल/कुलाधिपति श्रीमती आनन्दी बेन पटेल द्वारा दशम् दीक्षान्त समारोह के अवसर पर कहा कि मुझे गर्व की अनुभूति हो रही है। यह बुद्ध की पावन धरती है। मैं इस धरती को प्रणाम करती हूॅ। यहां पर गौतम बुद्ध ने विश्व को शान्ति का सन्देश दिया। यह भूमि देश-विदेश केे लोगो का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रही है। आज दशम् दीक्षान्त समारोह के अवसर पर स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले छात्र/छात्राओ को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सब लोग शिक्षा प्राप्त कर अपने विद्यालय का नाम रोशन करे। आप लोग शिक्षा प्राप्त कर समाज में परिवर्तन ला सकते है। आप लोग अपने माता पिता से प्रेरणा लेकर आप लोग समाज को आगे बढ़ाने में काम करे। आज छात्रों की अपेक्षा छात्राओं को अधिक मेडल प्राप्त हुआ है। डिग्री प्राप्त करने में भी छात्रायें आगे है। मेडल पाने वाले छात्र/छात्राओं के परिजनो व माता पिता को भी बधाई दिया। आज नारी किसी भी क्षेत्र में पीछे नही है। दीक्षान्त समारोह पूर्ण होने पर आप लोगो का राष्ट्र सेवा का नया अध्याय प्रारम्भ हुआ है। यह उपाधि एक प्रमाण-पत्र नही है। शिक्षा प्राप्त करने का उद्देश्य जीवन यापन करना नही है। बल्कि राष्ट्र के उत्थान एवं विकास हेतु कार्य करना है। नवाचार के नये द्वार खुल रहे है। आप अपने भविष्य के निर्माता नही है बल्कि विकसित भारत के निर्माण स्तम्भ है। जीवन में कितनी भी ऊॅचाईयां प्राप्त कर हो अपने संस्कार कभी न भूले। यही भगवान गौतम बुद्ध का सन्देश है। आज का युग तीव्र विकास का युग है। प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हो रहा है। सभी युवा नवाचार शिक्षा के अपना योगदान विकसित भारत बनाने में करें। विश्वविद्यालय राष्ट्र को नई दिशा वाला केन्द्र है। हमे जल संचयन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। आने वाले समय में जल एक बड़ी समस्या बन सकता है। उपलब्धियों पर छात्राओ के साथ चर्चा करें। आज हम पूरे विश्व को दिशा दिखा रहे है। विकसित भारत के राष्ट्र के योगदान में सभी अपना योगदान दे। आप लोग देश को आगे बढ़ाने में सहयोग करे और भारत को वर्ष 2047 तक विकसित देश बनाना है। सरकार के सेवा, सुशासन, जनकल्याण, नवाचार एवं राष्ट्र निर्माण को एक सतत यात्रा के रूप में देखे जा सकते है,140 करोड़ देशवासियों के आकांक्षाओं और संकल्प की कहानी है। भारत आत्मनिर्भर, समावेशी विकास और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ा है। जनधन योजना के माध्यम से करोडों लोगो को बैकिंग सेवा से जोड़ा गया है। स्वच्छ भारत मिशन ने देश में एक जनआन्दोलन के रूप लेकर नयी चेता का संचार किया है। प्रधानमंत्री आवास से गरीबो को आवास, उज्ज्वला योजना से गांव की महिलाओं को धुआं से मुक्ति दिलाया गया है। आयुष्मान भारत योजना से करोड़ो लोगो को स्वास्थ्य लाभ मिला है। कृषि क्षेत्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि येाजना अन्तर्गत किसानो को डीबीटी के माध्यम से सुविधा दी गयी है। गांव के विकास को नई गति प्रदान किया गया है। नये भारत के विकास में रेलवे को आधुनिकता प्रदान की है। बन्देभारत, अमृत भारत ट्रेनो को संचालन किया गया है। मा0 राज्यपाल/कुलाधिपति श्रीमती आनन्दी बेन पटेल ने कहा कि सपने देखिए और उसे कर्म में बदलिए। मा0 राज्यपाल/कुलाधिपति श्रीमती आनन्दी बेन पटेल ने पुनः दशम दीक्षान्त समारोह के सफल आयोजन हेतु बधाई दी।
मुख्य अतिथि काशी हिन्दू विश्व विद्यालय, वनस्पति विज्ञान प्रो मधुलिका अग्रवाल ने दशम् दीक्षान्त समारोह के अवसर पर उपस्थित शिक्षा जगत के आचार्य, प्राचार्य, छात्र एवं छात्राओ को सम्बोधित करते हुए कहा कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु सिद्धार्थनगर के दशम् दीक्षान्त समारोह की अध्यक्षता कर रहीं माननीय कुलाधिपति एवं श्रीराज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर कविता शाह जी कार्य परिषद एवं विद्या परिषद के सम्माननीय सदस्यगण, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण विश्वविद्यालय के प्राध्यापक अधिकारी तथा कर्मचारीगण, माननीय जन प्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारीगण उपाधि ग्रहण करने वाले सभी शिक्षार्थीगण, इस भव्य समारोह में उपस्थित सभी सम्माननीय अतिथिगण का स्वागत किया। उन्होने कहा कि आप लोग सबकी अपेक्षाओ को पूरा करे तथा देश का नाम रोशन करें। आने वाले समय में अपने सपनों को साकार करने में सफल हो। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय का गौरव ऊंचा होगा। विकसित भारत के महान संकल्प को सिद्ध करने में आगे बढ़ रहा है 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूर्ण होने पर हम आत्मनिर्भर और विश्व गुरु के रूप में खड़े होंगे। प्राकृतिक संसाधनों का प्रयोग इस तरह करें कि आने वाली पीढियां को नुकसान ना हो आने वाली पीढियां को प्राकृतिक संसाधन मिल सके। भगवान गौतम बुद्ध इसी धरती से थे उन्होंने पूरे विश्व को शांति अहिंसा और करुणा का संदेश दिया। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय अपनी अलग पहचान बनाएगा। काला नमक चावल की सुगंध देश और विदेश को सुगंधित करती है इसी तरह इस विश्वविद्यालय के छात्र पूरे विश्व में इस विश्वविद्यालय का नाम रोशन करें। भारत के निर्माण के संकल्प के साथ उज्जवल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करें। सभी उपाधि एवं डिग्री धारकों को पुन बधाई दिया।
विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती रजनी तिवारी ने गोल्ड मेडल पाने वाले सभी छात्र/छात्राओं को बधाई दी तथा उनके माता-पिता व गुरूजनो को भी बधाई दी। मंत्री ने विशिष्ट अतिथि राज्यमंत्री उच्च शिक्षा श्रीमती रजनी तिवारी ने महामहिम राज्यपाल मुख्य अतिथि, जनप्रतिनिधिगण एवं अन्य सभी का स्वागत करते हुए कहा यहां आने पर मुझे हर्ष की अनुभूति हो रही है। आज इस अवसर पर मेडल एवं उपाधि दिया गया है इसका साक्षी बनने पर मैं गर्व की अनुभूति कर रही हूं। पदक पाने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दिया। उन्होंने कहा कि आपके नए जीवन का शुभारंभ हो रहा है अपने लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अथक प्रयास किया माता-पिता एवं समाज का योगदान है। सपने वह सार्थक होते हैं जो हमें सोने ना दे।यह भगवान बुद्ध की धरती है। यहां से सत्य, अंहिसा व करूणा का सन्देश पूरे विश्व को गया है। कपिलवस्तु की धरती हमें करुणा साहस एवं शांति का संदेश देती है आप लोग निरंतर आगे बढ़ते रहे प्रधानमंत्री का सपना भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का है आप सभी देश को विकसित बनाने में सहयोग करें। आज बेटियों ने बाजी मारी है बेटियां देश की दिशा और दशा भी बदल रही है। मन कर्म और वचन से देश को विकसित बनाएं। विश्वविद्यालय से प्राप्त ज्ञान को अपने समाज में फैलाएं।राज्यपाल के नेतृत्व में सभी विश्वविद्यालय अच्छा कार्य कर रहे हैं। लोगों की सोच विश्वविद्यालय के प्रति बदल रही है गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए सरकार कार्य कर रही है आज के युवा देश को आगे बढ़ाने में काम करें। विकसित देश बनाने में अपना सहयोग दें।
कुलपति सिद्धार्थ विश्वविद्यालय प्रो0 कविता शाह ने बताया कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के दशम् दीक्षांत समारोह की अध्यक्ष मा0 कुलाधिपति एवं उ०प्र० की भी मा0 राज्यपाल श्रीमती आनन्दी बेन पटेल, मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती रजनी तिवारी, जन प्रतिनिधिगण विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद एवं विद्यापरिषद के सम्मानित सदस्यगण सम्मानित अतिथिगण, विश्वविद्यालय के आत्मीय शिक्षक बहनों-बन्धुओं अधिकारी तथा कर्मचारीगण मीडिया के प्रतिनिधिगण, उपाधि तथा पदक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं का विश्वविद्यालय के दशम् दीक्षांत समारोह के अवसर पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन करती हूँ। आज के दीक्षान्त समारोह की अध्यक्ष कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल का स्वयं विश्वविद्यालय परिवार की तरफ से हार्दिक स्वागत है। विश्वविद्यालय बच्चों को किस प्रकार तैयार करें कि राष्ट्र निर्माण में आगे बढ़ाना। मुख्यमंत्री की दृष्टि सदैव विश्वविद्यालय पर रहती है विश्वविद्यालय निरंतर आगे बढ़ रहा है जून 2015 में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना हुई इस विश्वविद्यालय के अंतर्गत 265 महाविद्यालय आते हैं 2025 26 में परीक्षा पारदर्शी एवं समय से कराई गई समर्थ पोर्टल के माध्यम से सभी महाविद्यालय कम कर रहे हैं। बीएससी में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र को 10000 नगर पुरस्कार दिया जाएगा गत वर्ष से सीसी को अच्छी विषय के रूप में विश्वविद्यालय में लागू किया है चंदन वाटिका व पदम सरोवर बनाया गया है मिशन शक्ति 5 के अंतर्गत अनेक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में विश्वविद्यालय निरंतर आगे बढ़ रहा है एयर क्वालिटी इंडेक्स में विश्वविद्यालय में संचालित हैं 5 जून से 20 जून 2026 तक अध्यक्ष कार्यक्रम मनाया गया योग दिवस पर वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम कराया गया हमारे सभी प्रयास विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के लिए कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने पुणे सभी को बधाई दिया।
दशम् दीक्षान्त समारोह कार्यक्रम के अवसर पर महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनन्दी बेन पटेल द्वारा स्नातक एवं स्नातकोत्तर में विश्वविद्यालय द्वारा दीक्षान्त समारोह के अवसर पर कुल 37 स्वर्ण पदक एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया जिसमें 28 छात्रायें एवं 09 छात्र है। इसके साथ पीएचडी धरको को भी उपाधि देकर सम्मानित किया गया। कुलपति प्रो0 कविता शाह द्वारा कुलाधिपति/महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनन्दी बेन पटेल, मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि को पुस्तक भेट किया गया। कुलाधिपति द्वारा वर्ष 2026 के डिग्री और अंकपत्र को डीजी पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड किया गया। महामहिम राज्यपाल उ0प्र0 द्वारा नवनिर्मित बालगृह किलकारी एवं दिव्यांगजन सुविधायुक्त डिजिटलाइज्ड लाइब्रेरी का लोकार्पण किया गया।
कुलाधिपति/महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनन्दी बेन पटेल, मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती रजनी तिवारी द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग की बच्चियो द्वारा चित्रकला, कहानी कथन, एवं भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। मा0 राज्यपाल उ0प्र0 द्वारा 700 आंगनबाड़ी किट-जिसमें 300 सिद्धार्थनगर, 200 संतकबीरनबर तथा 200 महराजगंज को दिया गया। एचपीवी टीकाकरण में अच्छा करने हेतु जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर शिवशरणप्पा जीएन, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डा0 अभिषेक महाजन, मुख्य विकास अधिकारी संतकबीर नगर, अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर तथा मुख्य विकास अधिकारी महराजगंज को प्रमाण पत्र दिया गया। महामहिम राज्यपाल उ0प्र0 द्वारा गोद लिये गावों के उच्च प्राथमिक विद्यालय, बर्डपुर तथा ककरहवा को प्रधानाचार्य को 50 पुस्तको का सेट दिया गया। गोद लिये गांवों की 10 छात्राओं द्वारा जल संचयन पर गीत प्रस्तुत किया गया। मा0 राज्यपाल श्रीमती आनन्दी बेन पटेल द्वारा स्वास्थ्य केन्द्र पर एच0पी0वी0 टीकाकरण का शुभारम्भ किया गया। सामूहिक राष्ट्रगायन किया गया। इसके पश्चात मा0 कुलाधिपति/महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनन्दी बेन पटेल द्वारा दशम् दीक्षान्त समारोह के समापन की घोषणा की गयी।
इस दीक्षान्त समारोह में सांसद डुमरियागंज जगदम्बिका पाल, विधायक इटवा/नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय, विधायक कपिलवस्तु श्यामधनी राही, विधायक शोहरतगढ़ विनय वर्मा, पूर्व विधायक इटवा डा0 सतीश द्विवेदी, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, पुलिस अधीक्षक डा0 अभिषेक महाजन, मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गौरव श्रीवास्तव, कुल सचिव दीनानाथ यादव, तथा सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के दशम् दीक्षान्त समारोह के आयोजन समिति के सदस्य तथा कार्य परिषद के सदस्य तथा सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से सम्बद्ध समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।

