इकोसिस्टम में पक्षियों की सुरक्षा करना सबकी जिम्मेदारी – प्रभागीय निदेशक नीला एम
सिद्धार्थनगर: इकोसिस्टम में पक्षियों की सुरक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। हर वर्ष हजारों पक्षी प्रजातियां विलुप्त हो रही हैं, जो हमारे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरनाक है। उनके आवासों की रक्षा करनी चाहिए और उन्हें सुरक्षित रखना चाहिए। पक्षियों के लिए अपने घर की छतो पर पानी और दाना रखने के साथ-साथ अधिक से अधिक पेड लगाए तथा कीटनाशक का उपयोग कम करें। जिससे पक्षियों को नुकसान न हो।
उक्त संदेश राष्ट्रीय पक्षी दिवस पर श्रीमती नीला एम प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी वन प्रभाग ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दिया। उन्होंने कहा कि हम सब मिलजुल कर पक्षियों के संरक्षण का संकल्प लें और धरती को पक्षियों के कलरव से गुलजार रखें।
प्रभागीय निदेशक ने बताया कि राष्ट्रीय पक्षी दिवस की शुरुआत 2002 में एवियन वेलफेयर कोएलिशन द्वारा की गई थी। यह अमेरिका के ऐतिहासिक क्रिसमस बर्ड काउंट के साथ जुडा हुआ है, जो दुनिया के सबसे पुराने वन्यजीव सर्वेक्षणों में से एक है। इस दिवस का उद्देश्य विशेष रूप से पालतू पक्षी व्यापार में होने वाले शोषण के प्रति जागरूकता फैलाना और पक्षियों के सामने मौजूद दीर्घकालिक संरक्षण चुनौतियों पर लोगों को शिक्षित करना था।
डीएफओ श्रीमती नीला एम ने बताया कि राष्ट्रीय पक्षी दिवस 2026 इसलिए महत्वपूर्ण है। क्योंकि पक्षी पर्यावरणीय स्वास्थ्य के प्रमुख संकेतक होते हैं। उनकी संख्या में गिरावट अक्सर पारिस्थितिक असंतुलन का संकेत देती है। यह दिवस पारिस्थितिकी तंत्र में पक्षियों की भूमिका, आवास संरक्षण और पुनस्थापन, वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व को बढावा एवं पक्षियों को नुकसान पहुँचाने वाली मानवीय गतिविधियों को कम करने को लेकर जागरूक बनाता है।

