सिद्धार्थनगर: 17 अक्टूबर 2025
जनपद स्तरीय किसान सम्मेलन में पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में किसानों को किया गया जागरूक
सिद्धार्थनगर: जनपद स्तरीय किसान मेला/फसल अवशेष प्रबन्धन जागरूकता गोष्ठी का आयोजन सांसद डुमरियागंज जगदम्बिका पाल, विधायक कपिलवस्तु श्यामधनी राही, जिलाधिकारी डा0 राजा गणपति आर0, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की उपस्थिति में लोहिया कला भवन में सम्पन्न हुआ। सांसद डुमरियागंज जगदम्बिका पाल विधायक कपिलवस्तु श्यामधनी राही एवं अन्य लोगो द्वारा द्वीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया,इस अवसर पर सांसद डुमरियागंज जगदम्बिका पाल, विधायक कपिलवस्तु श्यामधनी राही,एवं जनप्रतिनिधिगण को मुख्य विकास अधिकारी को पुष्प गुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया, सांसद डुमरियागंज जगदम्बिका पाल ने कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलायें विभिन्न कार्यो के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में भी आगे है। जनपद के किसानो का काला नमक चावल से विकास होगा। पर्यावरण, स्वास्थ्य मिट्टी की उर्वरा शक्ति व मित्र कीट का नुकसान पराली जलाने से होता है। पराली को डीकम्पोजर के माध्यम से जैविक खाद के रूप में प्रयोग करें। पराली प्रबन्धन के आधुनिक यंत्रों का प्रयोग करे। एनटीपीसी द्वारा पराली से विद्युत का उत्पादन करेंगे जिससे किसानो की आय में वृद्धि होगी। काला नमक चावल विभिन्न प्लेटफार्म के माध्यम से विदेशो में निर्यात हो रहा है। एक जनपद एक उत्पाद में काला नमक चावल चयनित है। यंत्रों पर अनुदान दिया जा रहा है। किसान सम्मान निधि से किसानो को लाभ दिया जा रहा है। यंत्रों पर मिलने वाला अनुदान डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में प्रेषित किया जाता है।
इस अवसर पर विधायक कपिलवस्तु श्यामधनी राही ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प है,किसानों को बेहतर तरीके से खेती करने के लिए पीएम मोदी द्वारा किसान सम्मान निधि उपलब्ध करायी जा रही है, कृषि यंत्रों व बीजों पर अनुदान दिया जा रहा है। सभी लोग वैज्ञानिक विधि से प्राकृतिक खेती करें तथा फसल अवशेष को न जलायें। पराली जलाने से वायु प्रदूषण होता है।
जिलाधिकारी डॉ0 राजा गणपति आर0 ने किसान भाईयों से फसल अवशेष न जलाने का अपील करते हुये पराली को गोशाला में दान करने का अनुरोध किया गया। खण्ड विकास अधिकारी के माध्यम से पराली एकत्रित करा लिया जायेगा। पराली जलाने से वायु प्रदूषण होता है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। पराली का उचित प्रबन्धन कर खाद के रूप में प्रयोग करें जिससे मृदा का स्वास्थ्य व पोषक तत्व सुरक्षित रहेंगे। फसल अवशेष प्रबन्धन हेतु सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, डी कम्पोजर आदि का प्रयोग करें। जिलाधिकारी ने किसानों को बताया कि कालानमक चावल को ओडीओपी में चयनित किया गया है जिसको बढ़ावा देने के लिए माह नवम्बर में वायर सेलर मीट का आयोजन किया जा रहा है वायर सेलर मीट में विभिन्न जगहों से वैज्ञानिक लोग आ रहें हैं जो कालानमक के खरीद व बिक्री एवं कृषि के बारे जानकारी देंगें। जनपद में मखाना की खेती के लिए किसानों को बिहार भेजकर प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है।जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए जिला प्रशासन पूरा प्रयास करेगा। गतवर्ष जनपद में कम पराली जलाया गया था जिसके लिए मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश द्वारा सम्मानित किया गया था,सभी लोग पराली न जलाये।
इस अवसर पर उप कृषि निदेशक,जिला उद्यान अधिकारी, द्वारा अपने विभाग से संबधित योजनाओ के बारे में जानकारी दी गयी। कृषि वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र सोहना,श्रीधर पाण्डेय, द्वारा वैज्ञानिक विधि से खेती करने के बारे में जानकारी दिया गया। किसान आर0डी0 पटेल द्वारा स्ट्राबेरी व पपीता की खेती के बारे में अपना अनुभव साझा कर अच्छी आय प्राप्त करने के बारे में जानकारी दी गयी।
इस अवसर पर उपरोक्त के अतिरिक्त सांसद डुमरियागंज प्रतिनिधि एस0पी0 अग्रवाल,पूर्व आई.ए.एस. ओ0एन0सिंह, उप कृषि निदेशक राजेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी मो0 मुजम्मिल, जिला उद्यान अधिकारी नन्हे लाल वर्मा,जिला भूमि संरक्षण अधिकारी,अन्य अधिकारीगण व किसान आदि उपस्थित थे।

