त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले ग्राम प्रधानों की सुरक्षा और बकाया भुगतान का मुद्दा गरमाया- प्रदेश अध्यक्ष के0के0 पांडे
जिला ब्यूरो चीफ डी.सी. मिश्रा
औरैया,उत्तर प्रदेश। पंचायत चुनाव नजदीक आते ही ग्राम प्रधानों की सुरक्षा और मनरेगा के पक्के कार्यों के बकाया भुगतान को लेकर आवाज तेज होने लगी है।
राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडेय ने इस मुद्दे पर सरकार को पत्र लिखते हुए वर्षों से लंबित भुगतान को शीघ्र जारी करने की मांग की है। इसी क्रम में उन्होंने जिलाधिकारी औरैया से भी मुलाकात कर स्पष्ट रूप से कहा कि ग्रांट आते ही धनराशि सीधे ग्राम प्रधानों के खातों में पहुंचाई जाए! ताकि विकास कार्य बाधित न हों।
प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडेय ने खास बातचीत में कहा कि मनरेगा के अंतर्गत कराए गए पक्के कार्यों का भुगतान कई वर्षों से अटका हुआ है। इसका सीधा असर गांवों के विकास और ग्राम प्रधानों की छवि पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों ने नियमों के तहत कार्य पूरे कराए, लेकिन भुगतान न मिलने के कारण वे आर्थिक और मानसिक दबाव में हैं। उन्होंने पंचायत चुनाव के मद्देनजर ग्राम प्रधानों की सुरक्षा को भी एक गंभीर विषय बताया।
प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडे ने कहा कि भुगतान में लंबे समय से देरी और प्रशासनिक उदासीनता के चलते कई जगह ग्राम प्रधानों को विरोध और दबाव का सामना करना पड़ता है! जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। ऐसे में सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि प्रधानों को सुरक्षित माहौल प्रदान किया जाए। डीएम औरैया से मुलाकात के दौरान संगठन की ओर से यह भी मांग रखी गई कि जैसे ही मनरेगा या अन्य योजनाओं की ग्रांट जारी हो उसे बिना किसी देरी के सीधे ग्राम प्रधानों के खातों में भेजा जाए। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और विकास कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश ग्राम प्रधान संगठन कौशल किशोर पांडेय ने कहा कि यदि सरकार के द्वारा जल्द बकाया धनराशि जारी नहीं की गई तो संगठन उत्तर प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी से जल्दी इस विषय को लेकर मुलाकात करेगा। उन्होंने सरकार से अपील किया कि ग्राम प्रधानों को सम्मान और सुरक्षा देते हुए उनके लंबित भुगतान का तत्काल समाधान किया जाए। ताकि पंचायत चुनाव से पहले ग्रामीण विकास की गति बनी रहे।

