लखनऊ:21 मई 2025
दिव्यांग छात्रों को भ्रमित करने की कोशिश करने वालों पर रखें पैनी नजर- मुख्यमंत्री योगी
11.04 लाख लाभार्थियों को 1300 करोड़ रुपये की दिव्यांग पेंशन राशि वितरित की गई- मुख्यमंत्री योगी
बाहरी संस्थाओं से मदद प्रस्ताव स्वीकारने से पहले कराएं गहन जांच- मुख्यमंत्री योगी
विद्यार्थियों की सुरक्षा और मानसिक-सामाजिक संरक्षण सुनिश्चित करना होगा- मुख्यमंत्री योगी
दिव्यांग युवाओं के लिए हर मंडल मुख्यालय पर होगा दिव्यांग पुनर्वास केंद्र- मुख्यमंत्री योगी
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिव्यांग युवाओं के लिए संचालित शैक्षिक संस्थानों में प्रशासनिक तंत्र को सतर्क रहने की जरूरत पर जोर दिया। योगी ने बुधवार को दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के कामकाज की समीक्षा की।उन्होंने कहा कि कुछ अराजक तत्व सुनियोजित ढंग से दिव्यांगजनों के विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में भ्रम फैलाकर उन्हें अवांछित और समाजविरोधी गतिविधियों की ओर बढ़ाने की कुत्सित कोशिश कर रहे हैं। हमें सतर्क रहते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा और मानसिक-सामाजिक संरक्षण सुनिश्चित करना होगा।
सीएम ने निर्देश दिए कि इन संस्थानों में सहायता के नाम पर प्रस्ताव देने वाली बाहरी संस्थाओं दिव्यांगजन के लिए चलाए जा रहे विद्यालयों में रिक्त पद जल्द भरने के निर्देश दिए कि पृष्ठभूमि की गहन जांच-पड़ताल के बाद ही इसकी अनुमति दी जाए। प्रदेश के सभी बचपन डे केयर सेंटरों, मानसिक मंदित आश्रय केंद्रों, समेकित विद्यालयों और ‘ममता’, ‘स्पर्श’ और ‘संकेत’ विद्यालयों का व्यापक निरीक्षण किया जाए। इन विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। जब तक नियमित नियुक्ति न हो, तब तक अन्य वैकल्पिक व्यवस्था से योग्य युवाओं की सेवाएं ली जाएं।
11.04 लाख लाभार्थियों को 1300 करोड़ रुपये की दिव्यांग पेंशन राशि वितरित की गई:
मुख्यमंत्री ने बताया कि आठ वर्षों में विभाग के बजट में दस गुना से अधिक वृद्धि की गई है, जो दिव्यांगजनों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाती है। दिव्यांगजन पेंशन योजना के अंतर्गत वर्तमान में 11.04 लाख लाभार्थियों को 1300 करोड़ रुपये की पेंशन राशि वितरित की गई है, जबकि कुष्ठ रोग पीड़ित लगभग 12 हजार व्यक्तियों को 3000 रुपये प्रतिमाह की दर से सहायता दी जा रही है। यह पता लगाया जाए कि किन पात्र व्यक्तियों को अभी तक पेंशन नहीं मिल रही है, साथ ही जो अपात्र लाभ ले रहे हैं, उन्हें भी चिह्नित कर कार्रवाई की जाए।
हर मंडल मुख्यालय पर होगा दिव्यांग पुनर्वास केंद्र:मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी 18 मंडल मुख्यालयों पर दिव्यांग पुनर्वास केंद्रों की स्थापना प्राथमिकता के आधार पर की जाए। वहीं कॉक्लियर इम्प्लांट योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए सीएम ने कहा कि यह योजना तभी प्रभावी हो सकती है, जब नवजात स्तर से ही उपचार शुरू हो। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि लखनऊ स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय और चित्रकूट स्थित जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय में कौशल विकास आधारित पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाए।
सांसद-विधायकों से ट्राइसाइकिल देने में बैठक में मदद करने की अपील की। बैठक में यह भी बताया गया कि पिछले वित्त वर्ष में 35136 दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, ब्रेल किट्स जैसे सहायक उपकरणों के लिए 28.93 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल योजना के अंतर्गत 270 अत्यंत दिव्यांगजन को दो लाख रुपये तक की मशीनें उपलब्ध कराई गई। मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल योजना में सांसदों और विधायकों से भी अपनी निधि से सहयोग देने का आग्रह किया जाए।

