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पूर्व डीजीपी बृजलाल ने 01नवंबर को बताया इतिहास का सबसे काला दिन

पूर्व डीजीपी बृजलाल ने 01नवंबर को बताया इतिहास का सबसे काला दिन

कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व रैली करके उन पीड़ित परिवारों के घावों पर 42 वर्ष बाद भी रगड़ रहा है नमक- बृजलाल

31 अक्टूबर 1984 को पूर्व पीएम श्रीमती इंदिरा गांधी की हत्या और 03 नवंबर तक कांग्रेसी नेताओं की अगुवाई में सिखों का हुआ सामूहिक नरसंहार- बृजलाल

दिल्ली। पूर्व डीजीपी उत्तर प्रदेश बृजलाल ने कहा कि आज 01नवंबर है, जिसे भारत के इतिहास में काला दिन के रूप में याद किया जाता है। 31 अक्टूबर 1984 को प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी की हत्या हुई थी, 31अक्टूबर से 3 नवंबर तक कांग्रेसी नेताओं की अगुवाई में सिखों का सामूहिक नरसंहार हुआ। दिल्ली में कांग्रेसी कद्दावर नेताओं सज्जन कुमार,जगदीश टाइटलर, कमलनाथ, एच के एल भगत,अर्जुन दास, धर्मदास शास्त्री, ललित माकन आदि के नेतृत्व में सिखों के सामूहिक हत्याएँ हुई,घर, दुकानों, गुरुद्वारों को जलाया और लूटा गया। इन कांग्रेसी नेताओं के नाम “नानावती आयोग” की जाँच में आये थे। उस समय प्रधानमंत्री बने राजीव गांधी जी ने कहा था-“जब विशाल पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है”।राजीव गांधी जी ने इस नरसंहार की निंदा तक नहीं किया और पीड़ित परिवारों के ताज़े घावों पर नमक छिड़के। अगर कांग्रेस नेतृत्व ने ईमानदारी से तत्काल कार्यवाही की होती तो सिखों पर हुए अत्याचारों को रोका जा सकता था,परंतु कांग्रेस सरकार ने दोषी कांग्रेसियों को बचाने में लगी रही।

01नवंबर 1984 का सिख-नरसंहार, भारतीय इतिहास का कभी न मिटने वाला काला अध्याय है और कभी न भुलाये जाने वाला दिन,जिस दिन सर्वाधिक सिखों की हत्याएँ हुई, घरों, दुकानों, गुरुद्वारों को कांग्रेसी नेताओं के नेतृत्व में सुनियोजित ढंग से लूटा गया और आग लगाई गई। उन्होंने कहा कि दिल्ली में सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2,733 और पूरे देश में 3350 सिखों की हत्याएँ हुई उन्हें जलाकर और गले में जलता टायर जलाकर निर्मम हत्याएं हुई। ग़ैर सरकारी मानवाधिकार संगठनों ने सिख हत्यावों की संख्या 8000 से 17000 तक बताई थी।दिल्ली के सुल्तानपुरी, मंगोलपुरी, त्रिलोकपुरी, दिल्ली कैंट, पहाड़गंज और चांदनी चौक जैसे इलाकों में इंसानियत शर्मसार हुई।

उन्होंने कहा सबसे दुखद यह रहा कि “नानावती” आयोग की न्यायिक जाँच के दशकों बाद तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला।वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। इसके बाद मामलों की जांच और कानूनी पैरवी को गति मिली। 17 दिसंबर 2018 में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन कुमार को दिल्ली हाईकोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।20 दिसंबर 2018 को महिपालपुर में सरदार हरदेव सिंह एवं सरदार अवतार सिंह की हत्या में कांग्रेसी नेताओं यशपाल सिंह को मृत्यु दंड और नरेश सहरावत को आजन्म कारावास की सजाएँ मिली।

पूर्व डीजीपी बृजलाल ने कहा कि मैं उस समय लखनऊ में एसपी सिटी था। राजधानी लखनऊ में मैंने अपने एसएसपी स्वर्गीय सुरेश पाल सिंह के निर्देश पर सिक्खों पर अत्याचार पूरी तरह रोका,वही बग़ल के शहर कानपुर में सरकारी आँकड़ों के अनुसार 127 सिखों की निर्मम हत्याएं हुए और उनके घरों,प्रतिष्ठानों को लूटा गया और आग के हवाले कर दिया गया,1985 में भारत सरकार द्वारा बनाये गये “जस्टिस रंगनाथ मिश्रा” आयोग ने कांग्रेसी नेताओं को क्लीन-चिट दे दिया। जस्टिस रंगनाथ मिश्रा को इसका पुरस्कार मिला और वे 25 सितंबर 1990 को सुप्रीम के मुख्य न्यायाधीश बनाये गये।

उत्तरप्रदेश में वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी सरकार बनी तो योगी सरकार ने 2019 में पूर्व पुलिस महानिदेशक अतुल (उत्तरप्रदेश) के नेतृत्व में “एसआईटी” का गठन किया,एसआईटी ने कानपुर सिख दंगों के 1251 मामले को चिन्हित किया जिसमें 40 मामले अति गंभीर और जघन्य पाये गये, इसकी चार्ज-शीट न्यायालय में भेजे गये,96 मुख्यआरोपियों की पहचान की गई जिसने 22 मर चुके थे।कांग्रेसी पार्षद सहित अन्य आरोपियों पर कार्यवाही न्यायालय में चल रही है।जिन मामलो में निचली अदालतों ने मुकदमें छोड़ दिये थे,उनमें हाई कोर्ट में सरकार द्वारा अपील की गई।

उन्होंने कहा कि आज 01 नवम्बर 2026 को कांग्रेस के नेतृत्व दिल्ली के रामलीला मैदान में राजनीतिक रैली कर रहा है, तब उसे उन हजारों निर्दोष सिखों के परिवारों का दर्द भी याद नहीं है,इस अवसर पर रैली करके कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व उन पीड़ित परिवारों के घावों पर 42 वर्ष बाद भी नमक रगड़ रहा है। कांग्रेस नेतृत्व में जरा भी नैतिक साहस है तो वे सबसे पहले 1984 के सिख नरसंहार के पीड़ित परिवारों से सामूहिक रूप से माफी मांगे। उनके दर्द को स्वीकार करे, और न्याय की लड़ाई में हुई ऐतिहासिक विफलताओं की जिम्मेदारी ले। पूर्व डीजीपी बृजलाल ने 1984 के सिख नरसंहार के सभी दिवंगत आत्माओं को विनम्र श्रद्धांजलि दी।

वंदे मातरम् ! भारत माता की जय!

नोट:-यह लेख पूर्व डीजीपी बृजलाल ने प्रेस विज्ञप्ति के द्वारा दी है,जो उनके निजी विचार हैं।

Brij Lal IPS Retd,Ex-DGP UP
Member of Parliament( Rajya Sabha) Dated New Delhi- 01 November 2026?

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